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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की वापसी के लिए पहल करने का निर्देश दिया

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और व्यक्तियों की वापसी के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की वापसी के लिए पहल करने का निर्देश दिया
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राज्य शासन से मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के बाद से छत्तीसगढ़ के 1,08,315 मजदूर 21 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों फंसे हुए हैं।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और व्यक्तियों की वापसी के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया है।

इसके बाद मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर निकट भविष्य में छत्तीसगढ़ वापस आने वाले व्यक्तियों और श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है।

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को राज्य में कोरोना वायरस के रोकथाम तथा नियंत्रण के लिए बेहतर प्रबंधन को लक्षित करते हुए आगामी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया है।

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को भेजे पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए समुदाय स्तर पर सक्रिय निगरानी कर मरीज की त्वरित पहचान तथा उपचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में गए व्यक्तियों और मजदूरों के वापस अपने निवास जिले में आने की संभावना है। छत्तीसगढ़ वापस आने वाले व्यक्तियों और श्रमिकों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही जरूरी है।

उन्होंने कहा है कि वापस आने वाले श्रमिकों और परिवार के सदस्यों को पृथक-वास में रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जिला प्रशासन के समन्वय से की जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर गांव से दूर उपयुक्त भवन जैसे-स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, आश्रम तथा छात्रावास इत्यादि में पृथक-वास बनाने करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने लिखा है कि इस कार्ययोजना में मजदूरों की संख्या के आंकलन के आधार पर ग्राम पंचायत स्तर पर भी तैयारी की जाए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि अन्य राज्यों से वापस आए सभी श्रमिकों का संपूर्ण ऑनलाइन डाटा बेस जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था की भांति शहरी क्षेत्रों में भी व्यवस्था की जाए।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को प्रवासी श्रमिकों का राज्य की सीमा पर ही स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्देश दिया है। श्रमिकों की अधिकता की स्थिति बनने पर सीमावर्ती जिले के अतिरिक्ति अन्य नजदीकी जिले और अन्य निर्धारित स्थानों में भी स्वास्थ्य परीक्षण का काम किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा है कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना द्वारा बसों से मजदूरों को राज्य की सीमा तक पहुंचाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ की सीमा पर संबंधित जिले के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण, विश्राम तथा मजदूरों के भोजन की व्यवस्था अवश्य की जाए। स्वस्थ पाए गए मजदूरों और व्यक्तियों को उनके गंतव्य जिले तक पहुंचाने की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि अन्य राज्यों से लोगों के वापस आने पर उन्हें अनिवार्य रूप से 14 दिन के लिए निर्धारित पद्धति से पृथक-वास में रखने का भी निर्देश दिया गया है।

मुख्य सचिव मंडल ने कहा है कि ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाए, उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर कोविड-19 की जांच अवश्य कराई जाए।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़ के 1,08,315 मजदूर फंसे हुए हैं। इन मजदूरों में से सबसे अधिक 25,207 जम्मू कश्मीर में हैं। वहीं महाराष्ट्र में 20,176, उत्तर प्रदेश में 13,837, तेलंगाना में 15094, गुजरात में 9584 और कर्नाटक में 3459 मजदूर हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इन मजदूरों में से 13613 मजदूरों के बैंक खातों में मदद के लिए 50.37 लाख रुपए की राशि भेजी गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद उनके लिए भोजन और अन्य आवश्यक चीजों की व्यवस्था की जा रही है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2020 10:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).