देश की खबरें | मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भगवान विट्ठल के मंदिर में की पूजा-अर्चना
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पुणे, 10 जुलाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पत्नी के साथ रविवार को आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर में भगवान विट्ठल और देवी रुक्मिणी की पूजा-अर्चना की और समाज के प्रत्येक वर्ग की समृद्धि की कामना की।
काफी लंबे समय से चली आ रही परंपरा के मुताबिक महाराष्ट्र के मौजूदा मुख्यमंत्री हर साल आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर सोलापुर जिले के पंढरपुर शहर में स्थित भगवान विट्ठल के मंदिर में पूजा कर समाज के प्रत्येक वर्ग की समृद्धि की कामना करते हैं। यह मंदिर पुणे शहर से करीब 200 किलोमीटर दूर और मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में 30 जून को शपथ लेने वाले एकनाथ शिंदे ने अपनी पत्नी लता शिंदे के साथ भगवान विट्ठल की पूजा की और किसान, मजदूर, वारकरी (भगवान विट्ठल के भक्त) और व्यापारी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के सुख और समृद्ध की कामना की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र श्रीकांत शिंदे और उनका परिवार भी मौजूद था।
बीड जिले के 52 वर्षीय किसान मुरली नवले और उनकी पत्नी जीजाबाई नवले ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार के साथ पारंपरिक पूजा की।
पंढरपुर वारी तीर्थयात्रा में नवले किसान परिवार 1987 से भाग ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर परिसर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
शिंदे ने कहा, ‘‘भगवान विट्ठल के आशीर्वाद से लोगों के सभी दुख और कष्ट दूर हो जाएंगे क्योंकि यह सरकार आम आदमी की है। किसान हों, मजदूर हों, समाज के सभी वर्गों के लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि यह सरकार उनकी है। हम अपने काम के जरिए ऐसी भावना पैदा करने की कोशिश करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस साल पूजा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों से कोविड-19 महामारी के कारण पैदल यात्रा नहीं हो सकी, लेकिन इस बार 10 लाख से अधिक वारकरी भगवान विट्ठल का आशीर्वाद लेने आए हैं।’’
शिंदे ने आशा व्यक्त की कि कोविड-19 का संकट जल्द ही दूर हो जाएगा और राज्य की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को प्रगति, सर्वांगीण विकास के पथ पर ले जाने और लोगों के लिए अच्छे दिन लाने का पूरा प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां भी भारी बारिश हो रही है, राज्य मशीनरी यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है कि जान-माल का नुकसान न हो। अगर इस साल अच्छी बारिश होती है तो किसानों की अच्छी फसल होगी।’’
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जलयुक्त शिविर योजना को दोबारा लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य सरकार यह पता लगा रही है कि राज्य के पश्चिमी हिस्से में नदियों से बारिश का पानी, जो समुद्र में बेकार चला जाता है, उसे मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की ओर कैसे भेजा जा सकता है। मुझे यकीन है कि भगवान विट्ठल के आशीर्वाद से इस प्रयास में हम सफल होंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने हमसे कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र के विकास के लिए हर संभव मदद करेगी और राज्य के लोगों के लिए 'अच्छे दिन' लाने के लिए बेहतर योजनाओं को लागू किया जाए।’’
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