मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों में 52 हजार बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को यहां लोक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में कुल 17 हजार बिस्तर तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कुल 35 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को यहां लोक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि क्षमता विस्तार की इस कार्यवाही के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा एल-1 अस्पतालों में 10 हजार बिस्तर, एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा सहित पांच हजार तथा एल-3 अस्पतालों में वेंटिलेटर युक्त दो हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा एल-1 श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में 20 हजार, एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा सहित 10 हजार तथा एल-3 अस्पतालों में वेंटिलेटर के साथ पांच हजार बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में पूरी तरह प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जाएं। कोरोना के उपचार में लगी चिकित्सा टीमों को हर हाल में मेडिकल संक्रमण से बचाया जाए। इसके लिए कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, एन-95 मास्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए लगातार संक्रमणमुक्ति का अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में आयुष के चिकित्सकों तथा पैरामेडिक्स का प्रशिक्षण कराकर उनकी सेवाएं भी प्राप्त करने पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने व्यापक स्तर पर जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच क्षमता में वृद्धि के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए। जांच क्षमता को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस सम्बन्ध में वैश्विक स्तर पर उपलब्ध नवीनतम प्रौद्योगिकी को प्राप्त करने पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। इसका उल्लंघन अथवा दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। समस्त गतिविधियों मेंहर हाल में भौतिक दूरी का पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को सभी आवश्यक सामग्री सुचारु रूप से प्राप्त हों। कालाबाजारी, जमाखोरी तथा घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक निगरानी के कार्य में युवा स्वयंसेवियों विशेष रूप से युवक मंगल दल, नेहरू युवा केन्द्र, एनसीसी तथा एनएसएस के सदस्यों की सेवाएं ली जाएं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 07:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

