जयपुर, दो सितम्बर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रतापगढ़ के धरियावद पहुंचकर दुर्व्यवहार के मामले में पीड़ित महिला एवं उसके परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह की घटनाओं तथा उनमें लिप्त अपराधियों का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी अमानवीय घटनाओं की एक स्वर में निंदा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अपराधियों को त्वरित अदालत में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
इस दौरान गहलोत ने पीड़ित महिला को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ घटना में पीहर और ससुराल के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों का कृत्य घोर निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि घटना के संज्ञान में आते ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को मौके पर जाकर इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे तथा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में सभी आरोपियों को हिरासत में लिया।
इससे मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य को हिरासत में लिया है।
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