नयी दिल्ली, 29 नवंबर नेपाल के प्रधान न्यायाधीश बिश्वंभर प्रसाद श्रेष्ठ और न्यायमूर्ति हरि प्रसाद फुयाल ने बुधवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश की अदालत में बैठकर कार्यवाही देखी।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने नेपाल के न्यायाधीशों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं दो बहुत प्रतिष्ठित न्यायाधीशों का अपनी पीठ में स्वागत करता हूं। बार में हमारे सभी सहयोगियों के लिए एक बात जानना बहुत रोचक होगा कि न्यायमूर्ति हरि प्रसाद उच्चतम न्यायालय की पीठ में नियुक्ति से पहले अटॉर्नी जनरल थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन को बता ही रहा था कि वे उनके साथ एक विशेष जुड़ाव पाएंगे। हम जल्द ही भारत नेपाल विनिमय कार्यक्रम करेंगे और जल्द ही नेपाल की बार के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करेंगे।’’
न्यायमूर्ति नरसिम्हा और न्यायमूर्ति विश्वनाथन को बार से ही उच्चतम न्यायालय में प्रोन्नत किया गया था।
न्यायमूर्ति फुयाल को 23 साल तक वकालत करने के बाद 19 अप्रैल, 2019 को नेपाल के उच्चतम न्यायालय में प्रोन्नत किया गया था।
सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच आध्यात्मिक संपर्क है।
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