देश की खबरें | छत्तीसगढ़ पुलिस ने कोयला कारोबारी की हत्या की साजिश को नाकाम किया, चार लोग पकड़े गए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक कोयला कारोबारी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में झारखंड के अमन साहू गिरोह के एक ‘शार्पशूटर’ सहित चार सदस्यों को 72 घंटे के गोपनीय अभियान के बाद रायपुर और राजस्थान से पकड़ लिया गया। छत्तीसगढ़ के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
रायपुर,26 मई एक कोयला कारोबारी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में झारखंड के अमन साहू गिरोह के एक ‘शार्पशूटर’ सहित चार सदस्यों को 72 घंटे के गोपनीय अभियान के बाद रायपुर और राजस्थान से पकड़ लिया गया। छत्तीसगढ़ के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह साजिश मयंक सिंह ने बनाई थी जो कुआलालंपुर से अमन साहू गिरोह का संचालन करता है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि मयंक सिंह के नेतृत्व में काम करने वाले शूटर अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह द्वारा चिह्नित ठिकानों पर हमले करते हैं।
रायपुर (रेंज) के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस खुफिया जानकारी के आधार पर 72 घंटे का गोपनीय अभियान चलाया गया था कि झारखंड में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक कोयला कारोबारी गिरोह के निशाने पर हैं।’’
पप्पू सिंह उर्फ पप्सा को राजस्थान से दबोचा गया जबकि मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह और शूटर रोहित स्वर्णकार को रायपुर में विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया।
पप्सा, कुमार और सिंह राजस्थान के हैं जबकि स्वर्णकार झारखंड का निवासी है।
आईजी ने कहा कि गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि मयंक सिंह ने साजिश के तहत स्वर्णकार को पिस्तौल और एक मैगजीन उपलब्ध कराने के लिए इंदौर भेजा था। उन्होंने कहा कि इसके बाद स्वर्णकार को ट्रेन से रायपुर भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि मयंक सिंह ने पप्सा को दो मोटरसाइकिल सवारों की व्यवस्था करने का काम सौंपा और इसके बाद उसने कुमार और देवेंद्र सिंह को बस से रायपुर भेजा।
चारों आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली और ‘डकैती’ डालने की साजिश रचने के आरोप में भारतीय दंड संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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