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देश की खबरें | छत्तीसगढ़ :मुख्यमंत्री ने पेश किया 97,106 करोड़ रूपए का बजट

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देश की खबरें | छत्तीसगढ़ :मुख्यमंत्री ने पेश किया 97,106 करोड़ रूपए का बजट

रायपुर, एक मार्च छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्तवर्ष 2021-22 के लिए 97,106 करोड़ रूपये का बजट पेश किया।

विधानसभा में आज मुख्यमंत्री ने बजट पेश करने के दौरान कहा, वह ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के मूल मंत्र में समाहित भावनाओं को आगे बढ़ाते हुए सदन में अपनी सरकार का तीसरा बजट पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल के पास वित्त विभाग का भी दायित्व है।

बघेल ने कहा कि उनकी सरकार की मंशा राज्य को हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों (हाइट)पर ले जाने की है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजी के इस हाइट शब्द के हर अक्षर में विकास की अवधारणा के भिन्न-भिन्न आयाम समाहित है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शब्द के हाइट का ‘एच’ समग्र विकास को इंगित करता है। इसी प्रकार ‘ई’ माने शिक्षा के समान अवसर, ‘आई’ माने अधोसंरचना, ‘जी’ माने शासन, ‘एच’ माने स्वास्थ एवं ‘टी’ का अभिप्राय बदलाव है जिनके आधार पर बजट तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की समृद्धि, गांवों की आर्थिक प्रगति, शिक्षा में गुणवत्ता और प्रगति के नए आयाम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के कल्याण, महिलाओं और बच्चों के सर्वांगिण विकास, युवाओं को रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसरों का सृजन, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना को तेजी से विकसित करने तथा जनता के लिए संवेदनशील प्रशासन की भावना के साथ राज्य के लोगों को समर्पित है।

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि देश-दुनिया समेत छत्तीसगढ़ की सरकार के लिए भी पिछला वर्ष बहुत ही चुनौती पूर्ण रहा है। कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित रहीं, जिसके कारण राजस्व प्राप्तियों में कमी आई। महामारी काल में आजीविका के साधनों की कमी के कारण आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं में अधिक संसाधनों की जरूरत हुई।

बघेल ने कहा कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में ‘बस्तर टाइगर्स’ विशेष बल का गठन किया जाएगा जिसमें अंदरूनी ग्रामों के स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी, अंदरूनी क्षेत्र और जंगल की जानकारी इन युवाओं को है जिसका लाभ नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस बल को मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 के बजट में दो हजार 800 व्यक्तियों की भर्ती की जाएगी और इस पर 92 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए इसे कृषि के समान दर्जा दिये जाने की कार्यवाही की जाएगी। वर्ष 2021-22 के बजट में मछली पालन की गतिविधियों के लिए 171 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव किसान न्याय योजना का दायरा भूमिधारी कृषकों से आगे बढ़ाने एवं ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों की सहायता के लिए नवीन न्याय योजना प्रारंभ की जाएगी।

बघेल ने कहा कि महिलाओं के पोषण में सुधार के लिए द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर राज्य द्वारा पांच हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए नवीन कौशल्या मातृत्व योजना प्रारंभ की जाएगी।

उन्होंने बताया कि तृतीय लिंग के व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए आश्रम सह पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिये बजट में 76 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है और यह देश में अपनी तरह का पहला केन्द्र होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी कला, शिल्प, वनोपज, कृषि और अन्य सभी प्रकार के उत्पादों तथा व्यंजनों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए 'सी-मार्ट' स्टोर की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के अंतर्गत 119 नए अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाएंगे जबकि नया रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के बोर्डिंग स्कूल की स्थापना की जाएगी।

बघेल ने अपने बजट भाषण में कहा कि 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े वनों के सुधार कार्य के लिए वर्ष 2021-22 में 257 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए नदी तट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 15 लाख पौधों के रोपण के लिए सात करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि नवीन चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर, कोरबा और महासमुंद के भवन निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान वर्ष 2021-22 के बजट में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 38 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिये 39 प्रतिशत और सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 23 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 के लिए अनुमानित सकल व्यय एक लाख पांच हजार 213 करोड़ रुपये का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी और पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 97 हजार 106 करोड़ रुपये अनुमानित है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में राजस्व व्यय 83 हजार 27 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 13 हजार 839 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 14 प्रतिशत है।

बघेल ने कहा कि वर्ष 2021-22 के लिए कुल राजस्व प्राप्तियां 79 हजार 325 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें राज्य का राजस्व 35 हजार करोड़ रुपये तथा केन्द्र से प्राप्त होने वाली राशि 44 हजार 352 करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का सकल वित्तीय घाटा 17 हजार 461 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.56 प्रतिशत है। वर्ष 2021-22 में तीन हजार 702 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुमानित है।

छत्तीसगढ़ के वर्ष 2021-22 के बजट में नए कर की जानकारी नहीं दी गई है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 01, 2021 07:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).