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देश की खबरें | लोगों के जीवन को बदल रही है आधुनिक प्रौद्योगिकी, दुरुपयोग से सावधान रहें: राष्ट्रपति मुर्मू

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देश की खबरें | लोगों के जीवन को बदल रही है आधुनिक प्रौद्योगिकी, दुरुपयोग से सावधान रहें: राष्ट्रपति मुर्मू

कटक, 15 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लोगों की सोच और कार्यशैली में व्यापक बदलाव आने का उल्लेख करते हुए मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के दुरुपयोग के प्रति सावधान रहने की सलाह भी दी।

मुर्मू ने यहां रेवेनशॉ विश्वविद्यालय के 13वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि विश्वविद्यालय इन प्रौद्योगिकियों का अच्छा उपयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, 3डी प्रिंटिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग ने हमारी सोच और कार्यशैली में व्यापक बदलाव ला दिया है।’’

हालांकि, मुर्मू ने ‘‘सभी को इन उन्नत प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग के प्रति सावधान रहने की सलाह दी।’’

मुर्मू ने छात्राओं के बढ़ते शैक्षणिक प्रदर्शन का उल्लेख किया, जिन्होंने इस वर्ष विश्वविद्यालय के 27 विभागों में से 21 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में, संस्थान में छात्राओं ने पढ़ाई के मामले में लगातार छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। स्नातकोत्तर स्तर पर, टॉप करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में साढ़े तीन गुना से भी अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत महिला सशक्तीकरण से महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ रहा है।’’

उन्होंने विश्वविद्यालय में जनजातीय छात्रों, वंचित और दिव्यांग छात्रों के नामांकन में लगातार हो रही वृद्धि पर भी संतोष जताया।

स्नातक छात्रों से भविष्य में और अधिक ईमानदार और मेहनती बनने का आह्वान करते हुए, मुर्मू ने कहा, ‘‘आज से, आपका जीवन एक नया मोड़ लेगा। आप शैक्षणिक विश्वविद्यालय से बाहर निकलकर जीवन और समाज के एक बड़े विश्वविद्यालय में कदम रखेंगे। मुझे आशा है कि आप जीवन और समाज के विश्वविद्यालय में भी सफलता और सम्मान प्राप्त करेंगे।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि यह शैक्षणिक संस्थान स्वतंत्रता संग्राम का एक सक्रिय केंद्र था और ओडिशा राज्य के गठन के आंदोलन से जुड़ा था।

उन्होंने न केवल नौकरी पाने, बल्कि दूसरों को भी नौकरी प्रदान करने के माध्यम से उद्यमशीलता और सामाजिक योगदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘अगर आप चाहें, तो उद्यमी बन सकते हैं और अपना खुद का उद्यम स्थापित कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र प्रथम की भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमारे जवान, किसान, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय लोग भारत का गौरव बढ़ाने की भावना के साथ काम कर रहे हैं।’’

राष्ट्रपति ने चार प्रतिष्ठित हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए मानद उपाधियां प्रदान कीं।

बाद में, उन्होंने कटक में रेवेनशॉ गर्ल्स हाई स्कूल की तीन इमारतों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर अपने संक्षिप्त संबोधन में, मुर्मू ने कहा कि विभिन्न दीक्षांत समारोहों के दौरान, उन्होंने पाया कि समान सुविधाएं और अवसर मिलने पर लड़कियां बेहतर प्रदर्शन करती हैं।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं - चाहे वह शिक्षा और साहित्य हो या विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्योग और वाणिज्य।

दोपहर में, राष्ट्रपति ने आदिकवि सरला दास की जयंती समारोह में भाग लिया और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कलिंग रत्न पुरस्कार-2024 प्रदान किया। उन्होंने बिजया नायक को साहित्यिक पुरस्कार, 'सरला सम्मान' भी प्रदान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विविधता इंद्रधनुष की तरह है। हमारी एकता सदियों से बहुत मजबूत रही है। हमारी कई एं हैं, लेकिन भावना एक है। दुनिया इस बात से चकित है कि इतनी सारी ओं और इतने सारे धर्मों के बीच भारत कैसे एकजुट और एकीकृत बना हुआ है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2025 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).