देश की खबरें | गुजरात में न्यायाधीशों के रोस्टर में बदलाव चिंता का विषय है: कांग्रेस
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मुम्बई, 29 मई महाराष्ट्र कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात उच्च न्यायालय की कोविड-19 संकट से निपटने की राज्य सरकार के तौर तरीके पर तीखी टिप्पणी की पृष्ठभूमि में वहां न्यायाधीशो के रोस्टर में बदलाव चिंता का विषय है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि पिछले छह सालों में भाजपा शासित गुजरात में कई न्यायाधीशों का आकस्मिक तबादला किया गया।
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उन्होंने कहा कि उनमें से ज्यादातर न्यायाधीश या तो संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर रहे थे या उनकी टिप्पणी एवं फैसले भाजपा सरकार के विरूद्ध थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ये आश्चर्यजनक नहीं है कि इन तबादलों को नियमित बताया गया।’’
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सावंत ने कहा कि गुजरात में न्यायाधीशों के रोस्टर में नवीनतम परिवर्तन चिंता पैदा करते हैं।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब एक ही दिन पहले गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कोरोना वायरस महामारी के संबंध में स्वत: संज्ञान के रूप में ली गयी एक जनहित याचिका और अन्य संबंधित अर्जियां नयी पीठ को सौंप दी।
पिछली पीठ ने इस संकट से निपटने के गुजरात सरकार के तौर तरीके पर और खासकर अहमदााबद सिविल अस्पताल की दशा पर कुछ तीखी टिप्पणी की थी।
सावंत ने कहा कि न्यायाधीशों ने दो दिन पहले ही स्वास्थ्य प्रणाली की दयनीय दशा पर पर गुजरात सरकार को भला-बुरा कहा था।
उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा सरकार द्वारा कोरोना वायरस संकट से निपटने के तौर तरीको में ‘भयंकर खामियां’ हैं और गुजरात में महाराष्ट्र के बाद कोविड-19 के सबसे अधिक मामले हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने स्वयं ही उच्च न्यायालय के सामने माना कि वह इस बीमारी से बुरी तरह प्रभावित अहमदाबाद में पर्याप्त कोरोना वायरस परीक्षण नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जब अहमदाबाद के निगम आयुक्त विजय नेहरा ने कहा कि मई के अंततक शहर में आठ लाख कोविड-19 मामले होंगे तब उनका तत्काल तबादला कर दिया गया।
गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला और आई जे वोरा ने शनिवार को अपने आदेश में अहमदाबाद सिविल अस्पताल को कालकोठरी करार दिया था। यह पीठ कोविड-19 से जुड़े सभी मुद्दों पर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़णनीस ने राज्य की एमवीए सरकार पर कोरोना वायरस संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है। तब से महाराष्ट्र सरकार गुजरात की भाजपा सरकार को कोविड-19 के मुद्₨दे पर निशाना बना रही है।
कांग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना नीत सरकार में शामिल है।
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