चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव (Chandigarh Municipal Corporation Elections) में सोमवार को वोटों की गिनती जारी रहने के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) 35 में से 14 वार्डों में जीत के साथ सबसे आगे चल रही है. पिछले नगर निगम सदन में बहुमत हासिल करने वाली भाजपा (BJP) इस बार 12 वार्डों में जीत हासिल कर दूसरे नंबर पर रही जबकि कांग्रेस (Congress) के हिस्से आठ सीटें और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के हिस्से एक सीट आई है. चंडीगढ़ (Chandigarh) के मौजूदा महापौर एवं भाजपा प्रत्याशी रविकांत शर्मा (Ravikant Sharma) को आप के प्रत्याशी दमनप्रीत सिंह (Damanpreet Singh) के हाथों हार मिली है. शर्मा वार्ड संख्या 17 पर 828 मतों के अंतर से सिंह से हार गए. Chandigarh Municipal Election Result: आप का चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में शानदार प्रदर्शन, 14 वार्डों पर जमाया कब्जा, बीजेपी-कांग्रेस पिछड़ी
आप नेता एवं दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी के प्रदर्शन को 'ट्रेलर' बताया. चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है. इस बार शहर में वार्डों की संख्या 26 से बढ़ाकर 35 कर दी गई थी.
पिछले नगरपालिका चुनावों में, भाजपा ने 20 सीटें जीती थीं और इसकी भूतपूर्व सहयोगी शिअद के हिस्से एक सीट आई थी. कांग्रेस के हाथ बस चार सीटें आई थीं. परंपरागत रूप से, हर पांच साल में होने वाले नगरपालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलती है, लेकिन आम आदमी पार्टी के आ जाने से इस बार मुकाबला त्रिकोणीय बन गया.
सोमवार को घोषित परिणामों में आप नेता चंदरमुखी शर्मा वार्ड 13 से कांग्रेस के सचिन गालव से 285 मतों के अंतर से हार गए. चंदर मुखी पिछले साल कांग्रेस छोड़ने के बाद आप में शामिल हुए थे. पूर्व महापौर एवं भाजपा उम्मीदवार दवेश मौदगिल वार्ड संख्या 21 से आप के जसबीर से 939 मतों से हार गए.
वार्ड संख्या 25 में भाजपा युवा मोर्चा के नेता विजय कौशल राणा को आप के योगेश ढींगरा ने 315 मतों के अंतर से हराया. वार्ड का प्रतिनिधित्व पहले चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने किया था. वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस नेता हरमोहिंदर सिंह लकी भाजपा के महेशिंदर सिंह सिद्धू से 11 मतों के मामूली अंतर से हार गए. भाजपा की वरिष्ठ नेता हीरा नेगी वार्ड नंबर 22 से आप की अंजू कात्याल से 76 मतों के मामूली अंतर से हार गईं.
प्रमुख विजेताओं में कांग्रेस की हरप्रीत कौर बबला, पार्टी के वरिष्ठ नेता देविंदर सिंह बबला की पत्नी, ने वार्ड नंबर 10 में भाजपा की राशि भसीन को 3,103 मतों के अंतर से हराया. वार्ड नंबर 12 से भाजपा के सौरभ जोशी ने कांग्रेस की दीपा असधीर दुबे को 1,887 वोटों के बड़े अंतर से हराया.
वार्ड नंबर 27 से कांग्रेस नेता गुरबख्श रावत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंदर सिंह रावत को 2,862 मतों के अंतर से हराया. वार्ड संख्या 14 से भाजपा के कुलजीत सिंह संधू ने आप के कुलदीप सिंह को 255 मतों के अंतर से हराया.
वार्ड संख्या 30 से शिअद के हरदीप सिंह ने कांग्रेस के अतिंदरजीत सिंह को 2,145 मतों से हराया.
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, आप के सिंह ने कहा कि वह इस जीत का श्रेय "मेरे गुरु (चंडीगढ़ आप नेता) प्रदीप छाबड़ा और हमारे आदर्श अरविंद केजरीवाल को देते हैं. काम की हमेशा सराहना की जाती है और इसने आज फल दिया है.”
आप नेता राघव चड्ढा ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग उनसे ऊब चुके हैं क्योंकि बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद वे कुछ नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि लोग एक "ईमानदार, व्यवहार्य विकल्प" की तलाश में थे.
चड्ढा ने कहा, "ये दो पारंपरिक दल विकास करने और व्यवस्था में बदलाव लाने में विफल रहे, जो लोग चाहते थे. लोगों ने देखा कि कैसे एक साधारण पार्षद, जो साइकिल और स्कूटर पर घूमता था, के पास बड़े फार्महाउस और संचित संपत्तियां हैं."
यह पूछे जाने पर कि क्या परिणामों का आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों पर कोई प्रभाव पड़ेगा, चड्ढा ने चुटकी ली, "यह सिर्फ एक ट्रेलर है." उन्होंने कहा, 'यहां के लोगों का मिजाज पंजाब चुनाव में भी दिखेगा.' चड्ढा ने कहा, “चंडीगढ़ की जनता ने केजरीवाल को मौका दिया, पंजाब की जनता भी देगी हमें एक मौका.”
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