देश की खबरें | कोविड-19 नियमों के उल्लंघन पर पुलिस के जुर्माना लगाने के अधिकार को उच्च न्यायालय में चुनौती

नयी दिल्ली, सात जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उस प्रावधान को चुनौती दी गई है जिसमें दिल्ली महामारी रोग (कोविड-19 प्रबंधन) अधिनियम-2020 के तहत उपनिरीक्षक और इससे ऊपर स्तर के पुलिस अधिकारी को जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।

यह याचिका मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की पीठ के समक्ष मंगलवार को सूचीबद्ध की गई थी, जहां पर अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को यह पता लगाने को कहा कि क्या इसी तरह का मामला कहीं उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन तो नहीं है।

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अदालत ने दिल्ली सरकार के स्थायी वकील रमेश सिंह से यह पुष्टि करने को कहा कि कहीं ऐसा मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन तो नहीं है। अदालत ने इसके साथ ही याचिका को 28 जुलाई को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध के बावजूद फैसले पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित नहीं किया।

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उल्लेखनीय है कि वकील सोनिया राणा द्वारा दायर याचिका में सजा के तौर पर जुर्माना वसूलने के फैसले को चुनौती देते हुए कहा गया कि यह केवल न्यायाधीश कर सकता है न कि पुलिस अधिकारी।

राणा की ओर से पेश वकील धनंजय सिंह सहरावत ने कहा कि अधिनियम के प्रावधान नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं।

उल्लेखनीय है कि कानून में पहली बार पृथक-वास नियम, मास्क, सामाजिक दूरी, सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकने के नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपये का जुर्माना और दोबारा यही कृत्य करने पर 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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