देश

पीएम मोदी के दौरे के बाद चीनी सेना गलवान घाटी से पीछे हटने के लिए हुई मजबूर, जानिए कब-कब क्या हुआ

भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की ख़बर है.सोमवार को खबर आयी कि चीन ने अपने सैनिकों को गलवान नदी घाटी में कम से कम एक किलोमीटर पीछे किया है. दरअसल यह वही जगह थी, जिस जगह पर 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। जगह का नाम पेट्रोल पॉइंट 14 है जहां से चीनी सेना के 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे हटने की खबर है

पीएम मोदी के दौरे के बाद चीनी सेना गलवान घाटी से पीछे हटने के लिए हुई मजबूर, जानिए कब-कब क्या हुआ
पीएम मोदी (Photo Credits: ANI)

भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की ख़बर है.सोमवार को खबर आयी कि चीन ने अपने सैनिकों को गलवान नदी घाटी में कम से कम एक किलोमीटर पीछे किया है. दरअसल यह वही जगह थी, जिस जगह पर 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी.  जगह का नाम पेट्रोल पॉइंट 14 है जहां से चीनी सेना के 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे हटने की खबर है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर, चीनी सैनिकों ने 'फिंगर -5' की ओर से कुछ टेंट हटा दिए हैं और वापस ले जा रहे हैं..  इस डिसइंगेजमेंट के साथ ही भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच नियंत्रण रेखा पर बफर जोन बन गया है.

आपको जानकारी के लिए बताते चले की गलवान घाटी भारत के लिए सामरिक रूप से काफी अहम है। क्योंकि ये पाकिस्तान, चीन और लद्दाख की सीमा के साथ जुड़ा हुआ है. 1962 की जंग के दौरान भी गलवान घाटी जंग का प्रमुख केंद्र रहा था. यह भी पढ़े: अब चीन से भी पाक को झटका, कहा- पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के दौरान कश्मीर अहम मुद्दा नहीं हो सकता है

वास्तविक जमीनी स्थिति पर स्पष्टता आने वाले दिनों में ही सामने आएगी क्योंकि भारत और चीन एलएसी की अपनी धारणा में भिन्न हैं। गतिरोध के बाद से, चीन ने कई बार गलवान घाटी पर दावा किया था। पैंगोंग सो पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है, जहां पीएलए ने फिंगर 4 से फिंगर 8 तक भूमि पर कब्जा करने के बाद किलेबंदी की थी, और डेपसांग मैदान, जहां पीएलए के सैनिकों ने वाई-जंक्शन से परे भारतीय गश्त को अवरुद्ध कर दिया था, या "अड़चन" डाल रहा था.

अबतक जानिए कब कब क्या हुआ

· भारत और चीन की सेनाओं के बीच अप्रैल के अंत से लद्दाख के पेंगांग झील के किनारे तनाव बढ़ना शुरू हुआ.

· मई 5-6, 2020 को लद्दाख में पेंगांग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई! इस झड़प में दोनों ही देशों के कई सैनिक घायल हुए.

· मई 3- 9 , 2020 के बीच उत्तरी सिक्किम में सीमा के पास चीनी सैनिकों की भारतीय सैनिकों के साथ झड़प हुई। मामला सैन्य स्तर पर बातचीत कर के सुलझा लिया गया.

· मई 12, 2020 को चीन के हेलिकॉप्टर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास उड़ान भरते रहे.हालांकि जल्द उन्हें भारत के सुखोई लड़ाकू विमानों ने उन्हें खदेड़ दिया.

· मई 23, 2020 को सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने लेह का दौरा किया.

· मई 26 ,2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के हालात पर अहम बैठक की, उसी दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना को युद्ध की तैयारी का आदेश दिया.

· जून 2, 2020 को दोनों सेनाओं की ओर से जनरल रैंक के अधिकारियों ने विवाद सुलझाने के लिए बैठक की बातचीत बेनतीजा रही.

· जून 6, 2020 को लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने चीन के मेजर जनरल लियू लिन के साथ बैठक की। बातचीत बेनतीजा रही.

· जून 12 ,2020 को गलवान क्षेत्र में उपजे विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से मेजर जनरल स्तर की बातचीत बेनतीजा रही.

· जून 15-16 ,2020 को चीन ने घुसपैठ की कोशिश की जिसका भारतीय सेनाओं ने डटकर मुकाबला किया। दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे.

· जून 23-24, 2020 को सेना प्रमुख नरवणे ने लेह-लद्दाख का दौरा किया.

· जून 30 ,2020 को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की तीसरी मीटिंग हुई, बातचीत बेनतीजा रही.

· जुलाई 3, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए अचानक से लेह पहुंच गए। प्रधानमंत्री के साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी थे.

· जुलाई 6 ,2020 को चीन की सेना पीछे हट गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2020 08:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).