जरुरी जानकारी | अगले वित्त वर्ष में ऊंचे स्तर पर रहेंगे अनाज के दाम : क्रिसिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 50 वर्षों में अनाज का घरेलू उत्पादन लगातार बढ़ा है लेकिन इसकी कीमतों में कहीं अधिक तेजी आई है। वित्त वर्ष 2017-22 के दौरान अनाज की फसलों के लिए भारित औसत फसल मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 3-4 प्रतिशत रहा है।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 50 वर्षों में अनाज का घरेलू उत्पादन लगातार बढ़ा है लेकिन इसकी कीमतों में कहीं अधिक तेजी आई है। वित्त वर्ष 2017-22 के दौरान अनाज की फसलों के लिए भारित औसत फसल मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 3-4 प्रतिशत रहा है।

इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में भी अनाज की कीमतों में पहले नौ महीनों में सालाना आधार पर काफी वृद्धि हुई है। गेहूं और धान में 8-11 प्रतिशत और मक्का, ज्वार और बाजरा में 27-31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

क्रिसिल ने कहा, ‘‘...अनाज फसलों के लिए कीमतों का रुझान समग्र रूप से मजबूत रहने की उम्मीद है।’’

मौजूदा रबी सत्र में गेहूं के अधिक उत्पादन की उम्मीद से स्टॉक की स्थिति में सुधार आएगा, जिससे कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

यदि सामान्य मानसून का फैलाव अच्छा रहता है तो धान, मक्का और बाजरा जैसी खरीफ फसलों के लिए उत्पादन की उम्मीदें सकारात्मक होंगी।

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