जरुरी जानकारी | केजी-डी6 मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र की याचिका खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के केजी-डी6 गैस ब्लॉक में लागत विवाद पर गठित मध्यस्थता पैनल में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी गई थी।

नयी दिल्ली, नौ जनवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के केजी-डी6 गैस ब्लॉक में लागत विवाद पर गठित मध्यस्थता पैनल में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी गई थी।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, ''माफ करना। हम उच्च न्यायालय के आदेश में दखल नहीं देना चाहते।'' उच्च न्यायालय ने नौ दिसंबर को अपना आदेश दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

केंद्र सरकार ने यह स्पष्टीकरण मांगने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था कि कथित रूप से पक्षपात करने के कारण दो न्यायाधीशों को हटा देना चाहिए।

उच्च न्यायालय ने आरआईएल के अधिवक्ता की प्राथमिक आपत्ति को कायम रखते हुए कहा था कि केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की याचिका को खारिज किया जाता है।

अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया था कि उसने मध्यस्थता न्यायाधिकरण के सदस्यों पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों पर ना तो विचार किया और ना ही कोई आदेश दिया इसलिए केंद्र सरकार के पास सभी मार्ग खुले हैं।

आरआईएल ने गैस उत्पादन का लक्ष्य पूरा नहीं होने के आधार पर सरकार द्वारा केजी-डी6 पर 2.3 अरब डॉलर की अस्वीकृति के बाद उपजे विवाद पर नवंबर 2011 में मध्यस्थता शुरू की थी।

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