नयी दिल्ली, 10 फरवरी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 15 मई से 800 किलोवाट तक की क्षमता वाले डीज़ल जेनरेटर सेट (डीजी) को औद्योगिक एवं वाणिज्य क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते इन जेनेटर को दोहरी ईंधन प्रणाली (गैस और डीजल) से लैस कराना होगा।
सीएक्यूएम ने कहा कि उनका उपयोग ‘ग्रेडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) को लागू करने के बाद प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
सीएक्यूएम ने एक बयान में कहा कि जिन इलाकों में गैस का बुनियादी ढांचा और आपूर्ति उपलब्ध है, वहां पर 800 किलोवाट क्षमता तक के डीज़ल जेनेटर सेट को दोहरी ईंधन प्रणाली (70 प्रतिशत गैस और 30 फीसदी डीज़ल) से लैस कराने के बाद, 15 मई से समूचे एनसीआर में औद्योगिक और वाणिज्य क्षेत्र के लिए इस्तेमाल करने की इजाज़त होगी।
उसने कहा कि डीजी सेट का अनियंत्रित उपयोग चिंता का विषय है।
बयान में कहा गया है, “पर्याप्त उत्सर्जन नियंत्रण उपायों के बिना दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में डीजी सेट चल रहे हैं। यहां तक कि ये जीआरएपी के तहत प्रतिबंध के बावूजद भी चलते हैं और ये भारी वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं और इस प्रकार ये क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता में गिरावट के लिए एक प्रमुख कारक हैं।”
नोमान रंजन
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