देश की खबरें | केंद्र संरक्षित वन क्षेत्रों के इर्द-गिर्द ईएसजेड के मुद्दे पर जाएगा उच्चतम न्यायालय:केंद्रीय मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश जिसमें वन्यजीव अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास एक किलोमीटर तक पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) बनाने के लिए कहा गया है, के विरूद्ध केरल में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर वह शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

तिरुवनंतपुरम, 18 जून केंद्र ने शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश जिसमें वन्यजीव अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास एक किलोमीटर तक पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) बनाने के लिए कहा गया है, के विरूद्ध केरल में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर वह शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

इस मामले में प्रदर्शनों को लेकर एक सवाल के जवाब में केद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं जनवितरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने यह बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्चततम न्यायालय के किसी भी फैसले को स्वीकार करना होगा।

केंद्रीय मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम केरल सरकार से बातचीत करेंगे और उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करेंगे। वहां लोगों के बीच जो भी अशांति है, उसका ख्याल रखा जाएगा। ’’

शीर्ष अदालत के आदेश के प्रभावों को लेकर अपनी नाखुशी प्रकट करते हुए राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसान पिछले दो सप्ताह से हड़ताल समेत विभिन्न प्रकार से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र एवं राज्य सरकारों से संरक्षित वनों, राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्यजीव अभयारण्यों के एक किलोमीटर के दायरे से मानव बस्तियों को अलग रखने के लिए कानूनी उपाय करने की अपील की है।

राज्य सरकार ने कहा है कि वह ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों के आजीविका विकल्पों का ध्यान रखने के लिए कानूनी विकल्प तलाशेगी।

शीर्ष अदालत ने हाल में निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्यों समेत हर संरक्षित वनक्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में ईएसजेड हो और उसने ऐसे उद्यानों में खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।

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