देश की खबरें | उन्नाव बलात्कार पीड़िता की सीआरपीएफ सुरक्षा वापस लेने के लिए याचिका दायर करे केंद्र: न्यायालय
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नयी दिल्ली, 14 मई उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से मंगलवार को कहा कि वह उन्नाव बलात्कार पीड़िता, उसके परिवार के सदस्यों और उसके वकीलों को 2019 के उसके आदेश के तहत प्रदान की गई सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) सुरक्षा वापस लेने के लिए अलग से एक याचिका दायर करे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ से कहा कि पीड़िता और अन्य को दिल्ली या उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा प्रदान कर सकती है और सीआरपीएफ को इस जिम्मेदारी से हटने की अनुमति दी जाए।
न्यायालय ने पीड़िता और अन्य लोगों के जीवन को खतरे का संज्ञान लेते हुए एक अगस्त, 2019 को निर्देश दिया था कि बलात्कार पीड़िता, उसकी मां, उसके परिवार के अन्य सदस्यों और उसके वकील को सीआरपीएफ की सुरक्षा प्रदान की जाए और कमांडेंट स्तर का एक अधिकारी इस मामले में तुरंत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे।
शीर्ष अदालत ने उन्नाव बलात्कार घटना के संबंध में दर्ज सभी पांच मामलों को उत्तर प्रदेश की लखनऊ अदालत से दिल्ली की एक अदालत में स्थानांतरित कर दिया था और इसकी सुनवाई दैनिक आधार पर करने एवं इसे 45 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए थे।
शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी निर्देश दिया था कि वह अंतरिम मुआवजे के रूप में पीड़िता को 25 लाख रुपये दे।
केंद्र ने मंगलवार को कहा कि वह चाहता है कि सीआरपीएफ सुरक्षा कवर वापस लिया जाए और उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी उस राज्य की पुलिस को दी जाए जिसके अधिकार क्षेत्र में पीड़िता रहती है।
न्यायमूर्ति त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ इस संबंध में याचिका दायर कीजिए।’’
उन्होंने ‘बच्चों के बलात्कार के मामलों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि’ शीर्षक वाले स्वत: संज्ञान में लिए गए इस मामले को आठ सप्ताह के बाद सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया।
इस बीच, बलात्कार पीड़िता की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में उसका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षा कवर की जरूरत नहीं है।
पीठ ने उनकी दलीलों पर गौर किया और आदेश दिया कि यदि उन्हें कोई सुरक्षा कवर दिया गया है तो उसे वापस लिया जाए।
उन्नाव बलात्कार मामले में अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सेंगर की याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है। सेंगर ने अधीनस्थ अदालत के दिसंबर 2019 के उस फैसले को रद्द किए जाने का अनुरोध किया है, जिसके तहत उसे शेष जीवन के लिए कारावास की सजा सुनाई गई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2024 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

