नयी दिल्ली, 15 मार्च लोकसभा में तमिलनाडु से द्रमुक के एक सदस्य ने सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना का अंग्रेजी अनुवाद बताने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि गैर-हिन्दी भाषी एवं गैर-भाजपा शासित राज्यों के लोग हिन्दी नाम वाली विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का आशय नहीं समझते और इसलिए वे उन्हें अपने राज्यों की योजना मानते हैं।
द्रमुक सांसद डी एन वी सेंथिलकुमार ने कहा कि हिन्दी नाम से विभिन्न केंद्रीय योजनाएं अनजाने में उक्त राज्यों के लिए फायदेमंद हो जाती हैं क्योंकि नागरिकों को इन योजनाओं के मूल प्रायोजक का पता नहीं चलता और इनका श्रेय केंद्र को नहीं मिल पाता।
उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान कहा, ‘‘ कृपया पीएमएवाई का अंग्रेजी नाम बताएं। क्योंकि लोग इसका सही अर्थ नहीं समझ पाते हैं। इसका श्रेय आपको (केंद्र सरकार) नहीं मिलता है।’’
इस पर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि अगर सांसद इंदिरा आवास योजना का मतलब समझते हैं तब वह प्रधानमंत्री आवास योजना का अर्थ भी समझ सकते हैं ।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह योजना किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है। ’’
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) केंद्र सरकार की योजना है जिसमें देश के गरीबों को वहनीय आवास मुहैया कराया जाता है। वहीं इंदिरा आवास योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार ने 1985 में शुरू की थी।
वहीं, एक प्रश्न के लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिये आवास के लक्ष्य की पूर्ति के लिये ग्रामीण विकास मंत्रालय मार्च 2024 तक आधारभूत सुविधाओं से सम्पन्न 2.95 करोड़ पक्के मकानों के निर्माण के लक्ष्य के साथ पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण का कार्यान्वयन कर रहा है।
दीपक वैभव
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