जरुरी जानकारी | सेंट्रल विस्टा: शापूरजी पालोंजी राजपथ पुनर्विकास के लिये सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी

नयी दिल्ली, छह जनवरी बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनी शापूरजी पालोंजी एंड कंपनी लि. राजपथ पुनर्विकास परियोजना के लिये सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के बोली दस्तावेज के अनुसार कंपनी ने 477.08 करोड़ रुपये की बोली लगायी है जो अनुमानित लागत से 4.99 प्रतिशत कम है।

टाटा प्रोजेक्ट्स ने परियोजना के लिये दूसरी सबसे कम बोली 488.78 करोड़ रुपये की लगायी। यह सरकार की 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाली सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना का हिस्सा है।

एक अधिकारी ने बताया कि ऐतिहासिक राजपथ का पुनर्विकास कार्य 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के तुरंत बाद शुरू होगा। कार्य 2022 के गणतंत्र दिवस परेड से पहले पूरा हो सकता है।

इस बारे में संपर्क किये जाने पर शापूरजी पालोंजी ग्रुप ने कोई टिप्पणी नहीं की।

शापूरजी पालोंजी एंड कंपनी लि. और टाटा प्रोजेक्ट्स के अलावा एनसीसी लि. और आईटीडी सीमेन्टेशन इंडिया लि. वित्तीय बोलियों के लिये पात्र पायी गयी थी।

आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लि. ने 490.59 करोड़ रुपये जबकि एनसीसी लि. ने 601.46 करोड़ रुपये की बोली लगायी थी।

टाटा प्रोजैक्ट्स ने पिछले साल सितंबर में नये संसद भवन के निर्माण की निविदा बोली में जीत हासिल की।

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