देश की खबरें | भ्रष्टाचार के मामलों के निस्तारण में देरी से नाराज केन्द्रीय सतर्कता आयोग, किया व्यवस्थागत बदलाव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्र सरकार के विभागों में केन्द्रीय सतर्कता अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार शिकायतों पर देरी से कार्रवाई करने से नाराज केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने ऐसी शिकायतों के निस्तारण के लिय समय सीमा तय करके व्यवस्थागत बदलाव लाने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 10 सितंबर केन्द्र सरकार के विभागों में केन्द्रीय सतर्कता अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार शिकायतों पर देरी से कार्रवाई करने से नाराज केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने ऐसी शिकायतों के निस्तारण के लिय समय सीमा तय करके व्यवस्थागत बदलाव लाने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है।

आयोग अब भ्रष्टाचार की रोकथाम में सहयोग देने वाले मुख्य सतर्कता आयुक्तों (सीवीओ) को बार-बार अनुस्मारक (रिमाइंडर) भेजकर उनसे अधूरे मामलों पर स्पष्टीकरण नहीं मांगेगा।

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आदेश में कहा गया है कि किसी मामले पर विस्तृत जानकारी इसलिये मांगी जाती है क्योंकि सीवीओ जो जानकारी देते हैं, वह या तो अधूरी होती है या फिर उससे संबंधित मामले पर पर्याप्त ढंग से विचार/विश्लेषण नहीं किया जाता है। इसके चलते आयोग इन विभागों या संगठनों की ओर से भेजी गई जानकारी पर अपनी सलाह नहीं दे पाता।

आयोग ने कहा, ''कई बार सीवीओ द्वारा जवाब दिये जाने या विस्तृत जानकारी देने में देरी होती है और इसमें कई महीने या साल लग जाते हैं, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद होता है और संदिग्ध/आरोपी अधिकारियों तथा आम लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रभाव कम हो जाता है। ''

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आदेश के अनुसार आयोग को लगता है कि जांच प्रणाली में बदलाव की जरूरत है।

आयोग ने कहा, 'ऐसे मामलों/लंबित शिकायत मामलों या विस्तृत जानकारी/स्पष्टीकरण आदि के लिये लंबे समय से लंबित मामलों पर 30 सितंबर 2020 से संबंधित अतिरिक्त सचिव की निगरानी में आयोग के भीतर आंतरिक समीक्षा की जाएगी। ''

आदेश में कहा गया है कि किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिये केवल एक बार अनुस्मारक भेजा जाएगा, जिसपर अधिकतम 15 दिन में जवाब देना होगा।

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