केन्द्र सरकार कृषि-एमएसएमई नीति पर कर रही काम: गडकरी
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये एसएमई चैंबर आफ इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे थे। इस दौरान लघु, मध्यम उद्योग (एसएमई) निर्यात संवर्धन परिषद और सौंदर्य एवं स्वास्थ्य देखभाल उद्योग के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सम्मेलन का आयोजन कोविड- 19 महामारी का छोटे उद्योगों पर असर के बारे में चर्चा को लेकर किया गया था।
नयी दिल्ली, चार मई केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र पर केन्द्रित एमएसएमई नीति पर काम कर रही है। इस नीति में ग्रामीण, जनजातीय, कृषि और वन क्षेत्रों में मिलने वाले कच्चे माल से तैयार उत्पादों के विनिर्माण पर आधारित उद्यमशीलता के विकास पर गौर किया जायेगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये एसएमई चैंबर आफ इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे थे। इस दौरान लघु, मध्यम उद्योग (एसएमई) निर्यात संवर्धन परिषद और सौंदर्य एवं स्वास्थ्य देखभाल उद्योग के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सम्मेलन का आयोजन कोविड- 19 महामारी का छोटे उद्योगों पर असर के बारे में चर्चा को लेकर किया गया था।
एमएसएमई मंत्रालय की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार गडकरी ने इस दौरान उद्योग जगत से हा कि उसे कोविड- 19 महामारी के फैलाव को रोकने के लिये जरूरी बचाव के उपाय करने होंगे। मंत्री ने उद्योगों से काम के दौरान पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर का बराबर इस्तेमाल करने और काम के समय शारीरिक दूरे के नियम का पालन करने पर भी जोर दिया।
एमएसएमई मंत्री ने उद्योग के समक्ष निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने विदेशी आयात के स्थान पर घरेलू उत्पादन का विकल्प तैयार करने की आसवश्यकता भी जताई।
उन्होंने कहा कि उद्योग को ज्ञान को संपत्ति में परिवर्तित करने के लिये अधिक से अधिक नवोन्मेष, उद्यमशीलता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अनुसंधान कौशल और अनुभव पर ध्यान देना चाहिये।
गडकरी ने इस मौके पर जापान सरकार की पेशकश को याद करते हुये कहा कि जापान ने उद्योगों को चीन से अपना निवेश बाहर निकालकर अन्यत्र ले जाने के लिये विशेष पैकेज की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिये एक अवसर है जिसे हाथ से जाने नहीं दिया जाना चाहिये।
गडकरी ने उद्यमियों को बताया कि एमएसएमई मंत्रालय ने आयुष मंत्रालय के साथ एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं जिसके तहत प्रशिक्षण, कौशल विकास, समर्थन देना और उद्यमशीलता विकास के क्षेत्र की एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत आयुष क्षेत्र को बढ़ावा दिया जायेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सौंदर्य एवं स्वास्थ्य से जुड़े उद्योग को एमएसएमई मंत्रालय में पंजीकरण कराना चाहिये ताकि उन्हें भी मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2020 08:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

