देश की खबरें | मोटे अनाज को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केन्द्र सरकार प्रयासरत : सूद

सोनीपत, 21 सितंबर भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने जल संरक्षण के लिए मोटे अनाज की खेती पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि केन्द्र सरकार मोटे अनाज को विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है।

सूद ने यहां कहा कि विश्व स्तर पर मोटे अनाज की बहुत अधिक मांग है, इसलिए देश के उद्योगपति और किसान इस क्षेत्र में आगे बढऩे का प्रयास करें ताकि वो आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।

उन्होंने कहा कि मोटे अनाज मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए तो लाभदायक है ही, इसकी खेती से पानी की बचत भी होती है, इसलिए किसान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मोटे अनाजों की खेती करें।

सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही आज पूरा विश्व 2023 को मोटा अनाज वर्ष के रूप में मना रहा है।

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान में मोटा अनाज पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सूद इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुये।

सूद ने कहा कि प्रत्येक मोटे अनाज का अपना महत्व है, जैसे बाजरा, कैल्शियम से भरा होता है, ज्वार में पोटेशियम और फास्फोरस होता है, कंगनी में फाइबर होता है जबकि कोदो आयरन से भरपूर होता है, इसलिए हमें सभी तरह के मोटे अनाज का सेवन करना चाहिए।

सं रंजन अमित

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