कोलकाता, छह नवंबर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसकी एजेंसियां अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल का मनरेगा बकाया देने के लिए जारी आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास में उसके नेताओं पर कार्रवाई कर रही हैं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी पूछा कि अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले राज्य और केंद्रीय स्तर के भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
बंगाल के मंत्री पार्थ भौमिक ने कहा, “100-दिवसीय जॉब कार्ड धारकों के बकाया वेतन की मांग को लेकर आंदोलन को नवंबर के पहले सप्ताह में गति मिलने की उम्मीद थी। इसलिए, भाजपा ने टीएमसी नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को तैनात कर दिया।”
उन्होंने कहा, एजेंसियां विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करके प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर रही हैं।
भौमिक के कैबिनेट सहयोगी और टीएमसी नेता शशि पांजा ने आरोप लगाया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, सौमित्र खान और शुभेंदु अधिकारी जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भारी संपत्ति अर्जित की है।
उन्होंने पूछा कि उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।
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