देश की खबरें | अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का असर कम करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करे केंद्र: अमरिंदर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का असर कम करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करे।

जियो

चंडीगढ़, 16 जून पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का असर कम करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करे।

साथ ही उन्होंने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अनिश्चितकाल तक लॉकडाउन लागू नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़े | कोरोना वायरस के पंजाब में 104 नए मरीज पाए गए: 16 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान सुझाव दिया कि देश की अर्थव्यवस्था और राज्य सरकारों पर कोरोना वायरस के प्रभाव से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों की समन्वित कार्रवाई पर चर्चा करने एवं इस संबंध में योजना बनाने के लिए एक ऐसा समूह गठित किया जाए, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हों।

प्रधानमंत्री इस संकट से निपटने के लिए प्रबंधन संबंधी रणनीतियों और हालात की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | कोरोना महामारी: किस दिन से काउंट होता है 14 दिन का आईसोलेशन पीरियड, जानें आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए के वार्ष्‍णेय से.

राज्य सरकार की ओर से यहां जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने और घर-घर निगरानी की रणनीति को लेकर पंजाब की प्रशंसा की।

विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों से कहा कि वे भी उस मॉडल को अपनाएं जिसकी मदद से पंजाब ने संक्रमण को काफी हद तक काबू करने में सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि कोविड-19 के साथ जीना अब सामान्य बात हो गई है और लॉकडाउन अनिश्चितकाल तक लागू नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जीवन के साथ-साथ आजीविका बचाना भी जरूरी हो गया है। अप्रैल में वीडियो कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री ने भी यही बात कही थी।

सिंह ने कहा कि जब उन्होंने अप्रैल के शुरू में कोरोना वायरस संकट के सितंबर तक जारी रहने की आशंका जताई थी, तो कुछ लोगों ने कहा था कि वह डरा रहे हैं, लेकिन अब विशेषज्ञ भी सचेत कर रहे हैं कि यह वैश्विक महामारी सितंबर के बाद भी जारी रह सकती है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ रहना और इससे बेहतर तरीके से निपटना सीखना जरूरी हो गया है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब के वित्तीय संकट को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की अपील करते हुए बताया कि केंद्र को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में राजस्व संग्रह करीब 25,000 से 30,000 करोड़ रुपए कम रहने की आशंका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पंजाब में सामने आए मामले देशभर में संक्रमण के मामलों का एक प्रतिशत से भी कम हैं, राज्य में मृत्युदर 2.1 प्रतिशत है और लोगों के स्वस्थ होने की दर 75 प्रतिशत है, लेकिन अन्य स्थानों से लोगों के आने, प्रतिबंधों में ढील देने और लोगों के आपस में मिलने-जुलने के कारण रोजाना सामने आने वाले मामलों की संख्या बढ़ रही है।

भारत में संक्रमण के मामले बढ़कर 3,43,091 हो गए हैं और मरने वालों की संख्या 9,900 हो गई है।

पंजाब में संक्रमण के 3,267 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 71 लोगों की मौत हो चुकी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\