रायपुर, 31 अगस्त छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार से वर्ष 2020-21 के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में 2828 करोड़ रूपए की राशि छत्तीसगढ़ को जल्द उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बघेल ने इस संबंध में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है।
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उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति में कमी के लिए राज्य शासन द्वारा ऋण लिए जाने के विकल्प के संबंध में कहा है कि जीएसटी परिषद में शामिल राज्यों को केन्द्र द्वारा वर्ष 2017 में यह आश्वासन दिया गया था कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को राजस्व में जो भी कमी होगी उसकी प्रतिपूर्ति वर्ष 2022 तक की जाएगी। ऐसी स्थिति में केन्द्र स्वयं ऋण लेकर राज्यों को उपलब्ध कराए तो यह ज्यादा व्यवहारिक होगा।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि राज्यों में हर साल राजस्व सामान्य रूप से बढ़कर आता है। इसमें जो भी कमी आती है, उसकी प्रतिपूर्ति केन्द्र सरकार की ओर से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह भी विचारणीय तथ्य है कि रिजर्व बैंकों द्वारा राज्यों को अलग अलग दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा ऋण लेकर राज्यों को उपलब्ध कराना अधिक व्यवहारिक होगा।
बघेल ने अपने पत्र में कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार जीएसटी की राशि देना केन्द्र शासन का उत्तरदायित्व है। जीएसटी में कमी की क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों द्वारा इसके लिए ऋण लेने से राज्यों पर ऋण भार आ जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति प्रत्येक दो माह में दिए जाने का प्रावधान है, इसलिए वर्ष 2020-21 के चार माह बीत जाने के बाद भी इस अवधि की क्षतिपूर्ति राशि भारत सरकार से प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि यह राशि अविलंब छत्तीसगढ़ को उपलब्ध कराई जाए।
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