जरुरी जानकारी | केन्द्र ने चौथी तिमाही के बेहतर राजस्व संग्रह से राज्यों को 45,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी किये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत वित्त वर्ष 2020-21 में अतिरिक्त अंतरण के रूप में 45,000 करोड़ रुपये जारी किये। मार्च तिमाही में राजस्व में वृद्धि को देखते हुए यह राशि जारी की गयी है।
नयी दिल्ली, एक अप्रैल वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत वित्त वर्ष 2020-21 में अतिरिक्त अंतरण के रूप में 45,000 करोड़ रुपये जारी किये। मार्च तिमाही में राजस्व में वृद्धि को देखते हुए यह राशि जारी की गयी है।
वित्त वर्ष 2020-21 के संशोधित अनुमान के मुताबिक वर्ष के दौरान साझा करों और शुल्कों के रूप में 41 प्रतिशत यानी 5,49,959 करोड़ रुपये राज्यों को जारी किया जाना है।
बहरहाल, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय ने 5,94,996 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की है,जोकि उन साझा करने योग्य करों के शुरुआती अनुमानों पर आधारित है जिसे 2020-21 में एकत्र किया जाना था।
पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिश के मुताबिक वर्ष 2020- 21 के दौरान केंद्र के विभाज्य योग्य करों का 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को दिया जाना था। मंत्रालय ने कहा कि 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को दो किस्तों... 14,500 करोड़ और दूसरी 30,500 करोड़- में जारी किया गया।
मंत्रालय ने 26 मार्च 2021 को अंतरण की 14वीं नियमित किस्त के साथ 14,500 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि 30,500 करोड़ की दूसरी किस्त 31 मार्च 2021 को राज्यों को जारी की गई।
बयान के अनुसार, ‘‘वित्त मंत्रालय ने यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में राजस्व में भारी वृद्धि को देखते हुए और राजकोषीय संघवाद की भावना के अनुरूप जारी की है।’’
इसके अलावा वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला व्यय विभाग ने पूंजी व्यय योजना के लिये राज्यों को विशेष सहायता के तहत 11,830 करोड़ रुपये जारी किये।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 अक्टूबर, 2020 को आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत योजना की घोषणा की थी। योजना का मकसद राज्य सरकारों को पूंजी व्यय के लिये प्रोत्साहित करना है जो कोविड-19 महामारी के कारण कम राजस्व की वजह से 2020-21 में कठिन वित्तीय माहैल का सामना कर रहे हैं।
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