जरुरी जानकारी | केन्द्र ने कच्चे जूट का आयात खोलन्र की मिलों की दलील को ठुकराया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने बांग्लादेश से कच्चे जूट का आयात करने की अनुमति दिए जाने की मिलों की दलील को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि अगले कुछ महीनों के लिए देश में इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कोलकाता, सात अक्टूबर केंद्र ने बांग्लादेश से कच्चे जूट का आयात करने की अनुमति दिए जाने की मिलों की दलील को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि अगले कुछ महीनों के लिए देश में इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और पश्चिम बंगाल सरकार की भारी मांग के कारण इस साल जूट मिल मालिकों के पास जूट के थैलों की आपूर्ति के भारी आर्डर हैं।जूट आयुक्त कार्यालय ने भारतीय जूट मिल संघ को कहा, ‘‘कच्चे जूट की मासिक खपत को , जो 5.5 लाख गांठ रहने का संकेत है, और बाजार में वर्तमान आवक को ध्यान में रखते हुए, आने वाले महीनों के लिए पर्याप्त कच्चा जूट उपलब्ध है और तत्काल आयात के लिए कोई आग्रह नहीं बनता है।’’
इसमें यह भी कहा गया है कि आयात के फैसले पर समीक्षा अगले साल जनवरी-फरवरी में होने की संभावना है।
आईजेएमए ने केंद्रीय कपड़ा सचिव को हालिया पत्र में कहा था कि वर्तमान स्थिति में कच्चे जूट का आयात अपरिहार्य हो गया है।
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एक अधिकारी ने कहा, “चक्रवात अम्फान के कारण पैदावार में गिरावट आई थी और पहले के अनुमान के मुकाबले पैदावार में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी रहेगी। इस कारण, हमने केंद्र से अनुरोध किया है ताकि हम जूट बैग की मांग को पूरा कर सकें।’’
एसोसिएशन ने इस साल 75 लाख गांठ कच्चे जूट की फसल का अनुमान लगाया था।
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