केन्द्र ने मूल्य समर्थन योजना के तहत 3.75 लाख टन दलहन, तिलहन की खरीद की
राज्य सरकारों के अनुरोध पर पीएसएस को तब लागू किया जाता है जब कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे घट जाती हैं।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल कोविड-19 के चलते लागू ‘लॉकडाउन’ के बीच केंद्र ने 1.92 लाख टन चना और अरहर की दाल तथा 1.83 लाख टन सरसों दाना की खरीद की है। कृषि मंत्रालय के अनुसार मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत ये कुल मिलाकर 3.75 लाख टन की खरीद की गई है ।
राज्य सरकारों के अनुरोध पर पीएसएस को तब लागू किया जाता है जब कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे घट जाती हैं।
इसमें नाफेड जैसी नोडल एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उपयुक्त औसत गुणवत्ता वाले जिंसों की खरीद की जाती है।
कोविड-19 महामारी को देखते हुए, पीएसएस के तहत रबी फसलों के लिए दैनिक खरीद की सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, पीएसएस को सात राज्यों - कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) के दलहनों और तिलहनों की खरीद के लिए चालू किया गया है।
दलहनों के मामले में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे पांच राज्यों से करीब 72,415 टन चना खरीदा गया है। जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और ओडिशा जैसे सात राज्यों से लगभग 1.20 लाख टन तुअर की खरीद की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि तिलहन फसल में केंद्र ने तीन राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 1.83 लाख टन सरसों की खरीद की है।
मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार, 2019 रबी सीजन के दौरान दलहन और तिलहन उत्पादन क्रमशः एक करोड़ 51.1 लाख टन और एक करोड़ 7.5 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, फसल कटाई और थ्रेसिंग के संबंध में मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) का किसानों और श्रमिकों द्वारा पालन किया जा रहा है।
राज्यों को किसानों और कृषि श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एसओपी का अनुपालन सुनिश्चित करने और कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए कहा गया है।
इस बीच, कोविड-19 लॉकडाउन के बीच देश भर में गेहूं की कटाई का काम तेज गति से जारी है।
राज्यों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार मध्य प्रदेश में लगभग 99 प्रतिशत गेहूं कटाई का काम पूरा हो गया है, राजस्थान में 92-95 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 85-88 प्रतिशत, हरियाणा में 55-60 प्रतिशत, पंजाब में 60-65 प्रतिशत और अन्य राज्यों में 87-88 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) ने, आगामी खरीफ फसलों की बुवाई के मद्देनजर किसानों की मदद करने के लिए अपनी 618 मान्यता प्राप्त पौधशालाओं में बुवाई/रोपई की सामग्री उपलब्धता की सूचना अपनी वेबसाइट पर चढ़ा रखा है।
राजेश
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 06:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

