देश की खबरें | केंद्र ने ब्रिटिश मानवविज्ञानी ओसेला के निर्वासन का बचाव किया

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर केंद्र सरकार ने ब्रिटिश मानवविज्ञानी फिलिपो ओसेला को मार्च में भारत में प्रवेश से इनकार करने और निर्वासित किये जाने के खिलाफ उनकी एक याचिका का बुधवार को विरोध किया। सरकार ने कहा कि ओसेला का नाम ‘काली सूची की सर्वोच्च श्रेणी’ में है।

केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि अधिकारियों के पास इस बाबत पर्याप्त सामग्री थी जिससे वे याचिकाकर्ता का नाम काली सूची में डालने और उन्हें निर्वासित करने के लिए विवश हुए।

ब्रिटेन के मानवविज्ञानी केरल में मछुआरा समुदाय पर अनुसंधान में शामिल रहे हैं। उन्हें 23 मार्च को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी थी और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर पहुंचने पर निर्वासित कर दिया गया था।

केंद्र सरकार के वकील ने बुधवार को अदालत से अनुरोध किया कि संबंधित फाइल का अध्ययन किया जाए।

हालांकि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने केंद्र से कहा कि अदालत द्वारा किसी विशेष दस्तावेज को देखा जाए, उससे पहले मामले में लिखित जवाब दाखिल किया जाए।

केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय देते हुए न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हलफनामा दाखिल किया जाए। याचिकाकर्ता के लिए यह अनुचित होगा कि हम स्वतंत्र रूप से किसी ऐसी चीज का अवलोकन करें जो एक सीलबंद लिफाफे में पेश की जाती है और उन्हें यह नहीं पता हो कि वह क्या है। अगर वह हलफनामा हमारे लिए कुछ विशेषाधिकार प्राप्त दस्तावेजों को देखने का आधार बनता है ... तो हम इसे देखने पर विचार करेंगे।’’

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