जरुरी जानकारी | छोटे, मझौले उद्योगों के कारोबार की सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे सीबीडीटी, एमएसएमई मंत्रालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयकर विभाग जल्द ही सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के बिक्री कारोबार और मूल्यह्रास से जुड़ी पूरी जानकारी सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के साथ साझा करना शुरू करेगा। यह जानकारी संबंधित सूक्ष्म एवं लघु उद्योग द्वारा उनकी आयकर रिटर्न में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुरूप होगी।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई आयकर विभाग जल्द ही सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के बिक्री कारोबार और मूल्यह्रास से जुड़ी पूरी जानकारी सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के साथ साझा करना शुरू करेगा। यह जानकारी संबंधित सूक्ष्म एवं लघु उद्योग द्वारा उनकी आयकर रिटर्न में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुरूप होगी।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

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सीबीडीटी द्वारा जारी वक्तव्य में इसकी जानकारी देते हुये कहा गया है कि सहमति ज्ञापन के जरिये आयकर विभाग द्वारा आयकर रिटर्न (आईटीआर) से जुड़ी कुछ सूचनाओं को एमएसएमई मंत्रालय के साथ साझा किया जा सकेगा। इस सूचना के आधार पर एमएसएमई मंत्रालय को सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी के उद्यमों की जांच और उनके उचित वर्गीकरण में मदद मिलेगी।

सीबीडीटी ने 14 जुलाई के अपने आदेश में आयकर प्रधान महानिदेशक (सिस्टम) को एमएसएमई मंत्रालय के साथ सूचनायें साझा करने का निर्देश दिया है। आयकर कानून की धारा 138 आयकर विभाग को यह अधिकार देती है कि वह करदाताओं के बारे में कोई जानकारी अथवा ब्योरा दूसरी सरकारी एजेंसियों के साथ साझा कर सकता है।

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आयकर विभाग कानून की इस धारा के तहत एमएसएमई मंत्रालय को छोटे उद्योगों द्वारा उनकी आयकर रिटर्न (आईटीआर) 3,5 और 6 में दी गई प्लांट एवं मशीनरी के मूल्यह्रास, कारोबार की बिक्री, सकल प्राप्ति और आईटीआर- 4 में सकल कारोबार अथवा सकल प्राप्ति की जानकारी को साझा कर सकता है।

सीबीडीटी के इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि सूचना भेजने की प्रक्रिया और उसके तौर तरीकों के बारे में आयकर प्रधान महानिदेशक (सिस्टम) एमएसएमई मंत्रालय के प्राधिकृत प्राधिकरण के साथ आपसी सहमति के ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। इसमें आंकड़े हस्तातंरति करने के तरीके, आंकड़ों की गोपनीयता और आंकड़ों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जायेगा।

सीबीडीटी ने कहा कि सहमति ज्ञापन समझौता उसी दिन से प्रभाव में आ जायेगा जिस दिन इस पर हस्ताक्षर किये जायेंगे।

नांगिया एण्ड कं. एलएलपी पार्टनर शैलेश कुमार ने कहा कि पिछले महीने सरकार ने एमएसएमई के लिये नये मानदंडों को अधिसूचित किया है। ये मानदंड उनके संयंत्र और मशीनरी में निवेश और कारोबार के आधार पर तय किये गये हैं।

आयकर विभाग और एमएसएमई मंत्रालय के बीच सूचनाओं के आदान- प्रदान से अब उन्हीं एमएसएमई को नये नियमों के तहत यह (एमएसएमई का) दर्जा मिलेगा जिनके आईटीआर में उनके संयंत्र एवं मशीनरी और कारोबार की तय मानकों के अनुरूप जानकारी उपलब्ध होगी।

सरकार ने 13 मई को आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत एमएसएमई की विभिन्न श्रेणियों के लिये नई परि तय की। संशोधित परि के मुताबिक प्लांट और मशीनरी में एक करोड रुपये तक निवेश और पांच करोड़ रुपये तक का बिक्री कारोबार करने वाली इकाई ‘सूक्ष्म उद्यम’ की श्रेणी में आयेगी। इसी प्रकार प्लांट एवं मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश जिनमें हुआ है और उनका कारोबार 50 करोड़ रुपये के दायरे में हैं, उन्हें ‘लघु उद्यम’ कहा जायेगा। वहीं जिन उद्यमों के पलांट एवं मशीनरी में 50 करोड़ रुपये तक निवेश हुआ है और सालाना कारोबार 250 करोड़ रुपये तक है उन्हें ‘मध्यम उद्यम’ की श्रेणी में रखा गया है।

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