ताजा खबरें | कैट इसका विश्लेषण करे कि उसके फैसलों के खिलाफ याचिकाएं दायर क्यों हो रही है: संसदीय समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा से जुड़े मामलों पर फैसला करने वाले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से कहा है कि वह इसका विश्लेषण करे कि उसके फैसले से असंतुष्ट लोग उच्च न्यायालयों का रुख क्यों कर रहे हैं?
नयी दिल्ली, 17 मार्च संसद की एक समिति ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा से जुड़े मामलों पर फैसला करने वाले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से कहा है कि वह इसका विश्लेषण करे कि उसके फैसले से असंतुष्ट लोग उच्च न्यायालयों का रुख क्यों कर रहे हैं?
कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय से संबंधित विभाग संबंधित संसद की स्थायी समिति ने न्यायाधिकरण से यह भी कहा कि वह इस संदर्भ में तीन महीने के भीतर स्थिति की जानकारी दे।
समिति ने संसद के दोनों सदनों में पेश अपनी 106वीं रिपोर्ट में कहा, ‘‘समिति का मानना है कि कैट की स्थापना सेवाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के मकसद से की गई थी। बहरहाल, यह देखा गया है कि कैट के फैसलों के खिलाफ हर साल उच्च न्यायालयों में बड़ी संख्या में रिट याचिकाएं दायर हो रही हैं।’’
उसने कहा, ‘‘समिति को लगता है कि ऐसा होना प्रशासनिक न्यायाधिकरण अधिनियम का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।’’
उन्होंने कैट से कहा कि वह इसका विश्लेषण करे कि उसके आदेशों से असंतुष्ट लोग उच्च न्यायालयों का रुख क्यों कर रहे हैं।
कैट द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार न्यायाधिकरण की विभिन्न पीठों में कुल 8,40,730 मामले दायर किए गये थे जिनमें से 31 दिसंबर 2020 तक 62,283 लंबित थे।
कैट ने बताया इनमें से 19,167 मामले एक साल से कम अवधि तक, 34,906 मामले एक से पांच साल के भीतर तक, 7,266 मामले पांच साल से दस साल के भीतर तक और 444 मामले दस साल से अधिक समय से लंबित हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)