देश की खबरें | प्रियंका गांधी वाद्रा और 10 अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रियंका ने आरोप लगाया है कि बिना किसी कानूनी आधार के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सीतापुर पीएसी परिसर में हिरासत में रखा गया है।
प्रियंका ने आरोप लगाया है कि बिना किसी कानूनी आधार के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सीतापुर पीएसी परिसर में हिरासत में रखा गया है।
कांग्रेस द्वारा प्रियंका की हिरासत पर सवाल उठाए जाने के बीच अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उनके और 10 अन्य के खिलाफ शांति भंग की आशंका के चलते दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की हिरासत से जुड़ी धाराओं के तहत यहां मामला दर्ज किया गया है। सीतापुर के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्यारे लाल मौर्य ने यहां बताया कि कांग्रेस नेता प्रियंका समेत 11 नेताओं के खिलाफ चार अक्टूबर को सीआरपीसी की धाराओं 144, 151, 107 और 116 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसडीएम ने कहा, ‘‘यदि हमें आश्वासन मिलता है कि उनके द्वारा शांति उल्लंघन नहीं होगा, तो इन धाराओं को हटा दिया जाएगा।’’
एसडीएम सीतापुर ने बताया कि प्रियंका, हुड्डा और लल्लू के अलावा संदीप, राज कुमार, दीपक सिंह, नरेंद्र शेखावत, योगेंद्र, हरिकंत, धीरज गुर्जर और अमित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को यहां पीएसी की दूसरी बटालियन के अतिथि गृह में विभिन्न कमरों में रखा गया है।
प्रियंका ने मंगलवार की शाम एक बयान जारी कर कहा, ‘‘चार अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस उपाधीक्षक के कथनानुसार मुझे धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया गया।’’ उन्होंने दावा किया कि ''जिस समय मुझे हिरासत में लिया गया, उस समय मैं लखीमपुर खीरी जिले की सीमा से 20 किलोमीटर पहले सीतापुर में थी और उस समय लखीमपुर खीरी में धारा 144 लगी थी लेकिन सीतापुर जिले में धारा 144 नहीं लगी थी।''
कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा, ''वैसे भी मैं दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दीपेंद्र हुड्डा और संदीप सिंह के साथ एक गाड़ी में जा रही थी। चार लोगों के अलावा न तो मेरे साथ सुरक्षा दस्ते की गाड़ी थी और न ही कोई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मेरे साथ था।''
उन्होंने सवाल उठाया, ''पीएसी परिसर, सीतापुर में लाये जाने के 38 घंटे बाद पांच अक्टूबर को शाम साढ़े छह बजे तक प्रशासन द्वारा न तो मुझे ये बताया गया कि मुझे किन परिस्थितियों या किन कारणों से हिरासत में लिया गया है और न तो यह बताया गया कि मुझे किस धारा के तहत हिरासत में लिया गया है।''
प्रियंका ने आरोप लगाया, ''मुझे मेरी हिरासत से संबंधित न तो कोई नोटिस दिखाया गया और न ही कोई आदेश। मुझे कोई प्राथमिकी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।''
कांग्रेस महासचिव ने कहा,'' मैंने सोशल मीडिया पर एक कागज देखा है जिसमें प्रशासन ने 11 लोगों को नामजद किया है। इन 11 लोगों में से आठ लोग तो मुझे हिरासत में लिए जाने के समय वहां मौजूद भी नहीं थे। यहां तक कि प्रशासन ने उन दो लोगों को भी नामजद कर दिया है जो चार अक्टूबर को दोपहर में लखनऊ से मेरे कपड़े लेकर आए थे।''
उन्होंने कहा,'' मुझे किसी मजिस्ट्रेट या न्यायिक अधिकारी के समक्ष भी पेश नहीं किया गया। मेरे वकील सुबह से गेट पर खड़े हैं और मुझे कानूनी सलाह लेने के लिए मेरे वकीलों से मिलने के अधिकार से भी वंचित रखा गया है।''
उन्होंने कहा, ''मेरे और मेरे साथियों को पूरी तरह गैर कानूनी तरीके से बलपूर्वक हिरासत में लिया गया।'' पी चिदंबरम सहित कई कांग्रेस नेताओं ने प्रियंका को हिरासत में रखने पर सवाल उठाते हुए इसे "पूरी तरह से अवैध" और "असंवैधानिक" बताया।
चिदंबरम ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सीतापुर में प्रियंका को हिरासत में रखने संबंधित तथ्य और परिस्थितियां "निर्णायक रूप से स्थापित करती हैं कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन नहीं है।’’
इस बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव धीरज गुर्जर ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो डाला, जिसमें एक ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दे रहा है जो कथित रूप से सीतापुर में उस स्थान के ऊपर उड़ रहा है, जहां प्रियंका तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में रखा गया है।
गुर्जर ने ट्वीट किया, ‘‘सरकार प्रियंका जी से इतना डरती है कि गिरफ्तार करने के बाद भी ड्रोन से उन पर नज़र रखती है। साहेब कुछ भी कर लो अब, जीत देश के अन्नदाताओं की ही होगी।"
लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों से मिलने जाते वक्त रास्ते में चार अक्टूबर सुबह पांच बजे सीतापुर में हिरासत में ली गई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा अब भी पुलिस हिरासत में हैं।
लल्लू ने मंगलवार को 'पीटीआई-' को बताया कि पुलिस को प्रियंका समेत पांच नेताओं को हिरासत में लिए काफी समय हो गया है।
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