देश की खबरें | पंढरपुर जाने वाले श्रद्धालुओं से बस किराया लेने का मामला: मंत्री ने जांच के आदेश दिए

मुंबई, एक जुलाई महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने बुधवार को कहा कि उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने अषाढ़ी एकादशी पर नासिक से संत निवृत्तिनाथ की पालकी को लेकर पंढरपुर जा रहे श्रद्धालुओं से बस का किराया वसूला।

मंत्री ने कहा कि वसूला गया किराया तत्काल वापस किया जाएगा।

यह भी पढ़े | कोविड-19 के उत्तराखंड में शाम 7 बजे तक 66 मरीज पाए गए: 1 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

परब ने ट्विटर पर कहा कि मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं और उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने श्रद्धालुओं से किराया वसूला।

उल्लेखनीय है कि अषाढी एकादशी के दिन लाखों ‘वारकरी’ या भगवान विट्ठल के भक्त महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से पंढरपुर स्थित प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते हैं।

यह भी पढ़े | Earthquake: जम्मू-कश्‍मीर में क्यों बार-बार आ रहा है भूकंप, क्या है दिल्ली-एनसीआर से संबंध, जानें वजह.

हालांकि, कोविड-19 महामारी की वजह से महाराष्ट्र सरकार ने इस साल वार्षिक वारी तीर्थयात्रा को रद्द कर दिया है। इस यात्रा में लोग पैदल ही पालकी लेकर पंढरपुर मंदिर जाते हैं।

राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक इस साल पूरे महाराष्ट्र से पालकी एमएसआरटीसी के बसों के जरिये पंढरपुर मंदिर ले जाया गया।

इस बीच, भाजपा विधायक अतुल भटकालकर ने पालकी ले जाने के लिए किराया वसूले जाने का मुद्दा उठाया और राज्य सरकार की आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हेलिकॉप्टर से पालकी ले जाने की बात कर रही थी लेकिन उसे सड़क मार्ग से भेजा और श्रद्धालुओं से किराया भी वसूला।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)