नयी दिल्ली, 21 सितंबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विशाखापत्तनम में अभिभावकों से रिश्वत लेकर जाली सेवा प्रमाणपत्रों के आधार पर 193 छात्रों को दाखिला देने के आरोप में केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अकादमिक वर्ष 2022-23 के दौरान 124 और 2021-22 के दौरान 69 अपात्र छात्रों के दाखिले के संबंध में प्रधानाचार्य एस. श्रीनिवास राजा के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की थीं।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राजा ने अपात्र छात्रों के माता-पिता के साथ साजिश रची , आवेदनों व सेवा प्रमाणपत्रों को सत्यापित किए बिना उन्हें विभिन्न कक्षाओं में दाखिला प्रदान किया और यूपीआई के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अपने बैंक खातों में रिश्वत ली।
आंध्र प्रदेश में सीबीआई की विशाखापत्तनम इकाई ने राजा द्वारा 2022-23 में दिए गए दाखिलों के सत्यापन के लिए इस साल तीन और चार मई को वाल्टेयर में स्थित केंद्रीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं।
प्राथमिकी में कहा गया है, “राजा ने अपात्र छात्रों के माता-पिता के साथ साजिश रची और विभिन्न कक्षाओं में अयोग्य छात्रों को दाखिला दिया... और प्रवेश देने के बदले में आर्थिक लाभ हासिल किया।”
केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद राजा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी।
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