ताजा खबरें | भारतीय एयरलाइनों का कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन 2012 से 2019 के बीच 63.5 फीसदी बढ़ा : सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2012 के दौरान भारतीय एयरलाइनों का कार्बन उत्सर्जन 11,560 हजार टन था जो 2019 तक बढ़ कर 18,900 हजार टन हो गया।

नयी दिल्ली, चार अगस्त सरकार ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2012 के दौरान भारतीय एयरलाइनों का कार्बन उत्सर्जन 11,560 हजार टन था जो 2019 तक बढ़ कर 18,900 हजार टन हो गया।

नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने बुधवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया ‘‘आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय एयरलाइनों के कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि हुई है।’’

सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 के दौरान भारतीय एयरलाइनों का कार्बन उत्सर्जन 11,560 हजार टन था जो 2019 तक बढ़ कर 18,900 हजार टन हो गया। उन्होंने बताया कि नागर विमानन निदेशालय ने अधिसूचित भारतीय एयरलाइनों से मिली जानकारी के आधार पर कार्बन उत्सर्जन संबंधी आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में भारतीय एयरलाइनों की घरेलू उड़ानों से 11,843 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ वहीं उनकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से 7,057 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित हुई।

सिंह ने बताया कि 2012 में भारतीय एयरलाइनों की घरेलू उड़ानों से 6,135 हजार टन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से 5,425 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ।

उन्होंने बताया कि भारतीय एयरलाइनों के कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें अवांछित वजन में कमी, विमानों को नमी से बचाना, धूल न जमने देना, समुचित गति आदि शामिल हैं।

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