मुंबई, 30 जून शहर की एक अदालत ने शुक्रवार को उस कार चालक को जमानत दे दी, जिसने इस साल मार्च में वर्ली इलाके में सैर के दौरान एक प्रौद्योगिकी कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को कथित तौर पर कुचल दिया था।
इस घटना में राजलक्ष्मी रामकृष्णन (57) नाम की महिला की मौत हो गई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर आर पटारे ने आरोपी सुमेर मर्चेंट की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि 19 मार्च को वर्ली सीफेस पर सैर के दौरान राजलक्ष्मी को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी और मर्चेंट कथित तौर पर शराब के नशे में वाहन चला रहा था।
पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद मर्चेंट ने अपनी वकील अंजलि पाटिल के माध्यम से जमानत अर्जी दायर की थी। इससे पहले, मजिस्ट्रेट और सत्र अदालत, दोनों ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
मर्चेंट ने अपनी अर्जी में दावा किया कि उसके मूत्र की जांच रिपोर्ट में शराब के सेवन का कोई संकेत नहीं पाया गया, लेकिन पुलिस ने इस रिपोर्ट को आरोप पत्र के साथ संलग्न नहीं किया।
जमानत अर्जी में कहा गया कि कार में सवार दो यात्रियों के बयानों से भी यह संकेत नहीं मिला कि मर्चेंट उस वक्त नशे में था।
हालांकि, अदालत में पुलिस ने उसकी जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मर्चेंट शराब के नशे में तेज गति और लापरवाही से कार चला रहा था, जिसके चलते महिला की मौत हुई।
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