नयी दिल्ली, 15 फरवरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) की शुरुआत के बाद से अस्पताल में भर्ती हुए 68.43 लाख रोगियों के लिए इस योजना के तहत कैंसर के इलाज के लिए 13,160.75 करोड़ रुपये के पैकेजों को मंजूरी दी गई।
हाल ही में ‘लैंसेट’ के एक अध्ययन का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि "आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के कारण समय पर कैंसर का उपचार शुरू करने की दिशा में काफी सुधार हुआ है।”
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), झज्जर परिसर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) में दूसरे ‘एम्स ऑन्कोलॉजी कॉन्क्लेव’ 2025 का उद्घाटन करते हुए नड्डा ने कहा, "एबी-पीएमजेएवाई के तहत भर्ती मरीजों को 30 दिनों के अंदर कैंसर उपचार तक पहुंच में 90 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।”
उन्होंने बताया कि देश भर में फैली 217 अमृत फार्मेसियों के माध्यम से कैंसर सहित विभिन्न बीमारियों के लिए 5,200 दवाएं सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
कुल मिलाकर, इन फार्मेसियों द्वारा 289 कैंसर चिकित्सा दवाएं बाजार मूल्य से 50 प्रतिशत तक की छूट पर दी जाती हैं।
नड्डा ने कहा, "परिणामस्वरूप, अब तक दी गई छूट के आधार पर 5.8 करोड़ लाभार्थियों के लिए कुल 6,567 करोड़ रुपये की बचत हुई है।"
उन्होंने कहा, "हमारी योजना अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर (डीसीसीसी) स्थापित करने की है। इस वर्ष में 200 डीडीसीसी स्थापित होंगे। इस पहल का उद्देश्य आवश्यक कैंसर सेवाओं को घर के नजदीक लाना है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।"
नड्डा ने कहा, "(एबी-पीएमजेएवाई) की शुरुआत के बाद से, 68.43 लाख रोगी अस्पतालों में भर्ती हुए और इस योजना के तहत कैंसर के इलाज के लिए 13,160.75 करोड़ रुपये के पैकेजों को मंजूरी दी गई।”
उन्होंने कहा, "कैंसर एक भयावह बीमारी है जो न केवल रोग बल्कि भविष्य, आजीविका, प्रियजनों को खोने और अपरिहार्य आर्थिक व भावनात्मक तनाव का भी डर पैदा करती है।"
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