विदेश की खबरें | कनाडा के जांचकर्ताओं ने रिपुदमन सिंह की हत्या से जुड़ी कार का फुटेज जारी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कनाडा में हत्या के मामलों की जांच करने वाली शीर्ष ईकाई ने एक सफेद रंग की कार का फुटेज जारी किया है। इसके बारे में उसका कहना है कि इसका संबंध एअर इंडिया कनिष्क आतंकवादी बम विस्फोट मामले में बरी किए गए 75 वर्षीय रिपुदमन मलिक की हत्या से है।

टोरंटो, 16 जुलाई कनाडा में हत्या के मामलों की जांच करने वाली शीर्ष ईकाई ने एक सफेद रंग की कार का फुटेज जारी किया है। इसके बारे में उसका कहना है कि इसका संबंध एअर इंडिया कनिष्क आतंकवादी बम विस्फोट मामले में बरी किए गए 75 वर्षीय रिपुदमन मलिक की हत्या से है।

साथ ही, उसने जनता से इस हत्या के पीछे के मकसद के निष्कर्षों तक न पहुंचने का अनुरोध किया क्योंकि वह अभी इस ‘हाई-प्रोफाइल’ हत्याकांड की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि मलिक की बृहस्पतिवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई। मलिक और अजैब सिंह बागरी को एअर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट मामले में मार्च 2005 में अदालत ने बरी कर दिया था।

वैंकूवर के हवाई अड्डे पर एक विमान में सूटकेस में बम रखा गया था, जिसे फिर टोरंटो में एअर इंडिया विमान-182 में पहुंचाया गया। विमान 23 जून, 1985 को आयरलैंड तट पर अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 24 भारतीयों सहित 329 लोग मारे गए थे। एक अन्य बम को भी एअर इंडिया के जापान से उड़ान भरने वाले विमान में लगाए जाने का षड्यंत्र रचा गया था, लेकिन उसमें तोक्यो के नरिता हवाई अड्डे पर विस्फोट हो गया था। इसमें दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी।

जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवादों में घिरे रहे रिपुदमन की हत्या किसने की।

‘टोरंटो सन’ अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, ‘इंटीग्रेटेड होमीसाइट इन्वेस्टिगेशन टीम’ (आईएचआईटी) ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी की, जिसमें सफेद रंग की कार को पैपिलन ईस्टर्न इम्पोर्ट्स के पार्किंग क्षेत्र में घुसते हुए देखा जा सकता है। कार के अंदर एक से अधिक व्यक्ति बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस कंपनी की स्थापना मलिक ने 1970 में की थी।

आईएचआईटी के सार्जेंट डेविड ली ने कहा कि इस कार का संबंध मलिक की लक्षित हत्या से है। बाद में यह कार 122ए स्ट्रीट और 82वें एवेन्यू में जलती हुए पायी गयी।

ली ने कहा, ‘‘सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चलता है कि यह कार गोलीबारी से कुछ देर पहले पहुंची और मलिक के इंतजार में खडी़ थी।’’

पुलिस को अभी तक हत्या के मकसद के बारे में पता नहीं चला है और उसने जनता से किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचने का अनुरोध किया।

ली ने कहा, ‘‘ये जटिल मामले हैं और मैं बता नहीं सकता कि इन्हें हल करने में कितना वक्त लगेगा। इसमें दो सप्ताह, दो महीने या दो साल भी लग सकते हैं।’’

मलिक के बड़े बेटे जसप्रीत ने शुक्रवार को दक्षिणी सुरे में परिवार के घर के बाहर पत्रकारों से कहा कि उनके पिता को सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं थी और वह अपने कारोबार तथा स्वयंसेवी कार्यों में व्यस्त थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\