लंदन, 24 जून कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जज बिजनेस स्कूल ने बुधवार को घोषणा की कि वह भारत के अंदर और भारत से होने वाले रणनीतिक परोपकार के मूल्यांकन के लिये एक नया केंद्र स्थापित कर रहा है। इस केंद्र में भारत के साथ ही दुनिया के अन्य तेजी से बढ़ते बाजारों में परोपकार रणनीति का भी आकलन किया जाएगा।
रणनीतिक परोपकार के लिये नया केंद्र सामयिक है क्योंकि सामाजिक एवं पर्यावरण जरूरतों के मद्देनजर कल्याण केंद्रित परमार्थ की भूमिका को आवश्यक माना जा रहा है।
यह भी पढ़े | पाकिस्तान: इस्लामाबाद में बनेगा हिंदुओं का पहला मंदिर और श्मशान घाट.
इसका उद्देश्य कड़े अनुसंधान, कार्यकारी शिक्षा और विविध हितधारकों को एकजुट कर इनके संयोजन से दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों से अधिक परोपकारी प्रभाव को प्रेरित करने के लिये दुनिया भर में कार्रवाई योग्य ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनना है।
रणनीतिक परोपकार केंद्र के संस्थापक संरक्षक बदर जफर ने कहा, “आज निजी परोपकार पूंजी की एक हजार अरब डॉलर से अधिक की रकम, हर साल वैश्विक विकास एवं मानवीय सहायता के बजट को मिलाकर दी जाने वाली रकम के तीन गुना से भी ज्यादा है।”
यह भी पढ़े | पाकिस्तान: हादसे का शिकार हुए PIA विमान के पायलट कर रहे थे कोरोनो वायरस पर चर्चा, नहीं थी कोई तकनीकी खामी.
उन्होंने कहा, “इसके साक्ष्य हैं कि भारत और दुनिया की अन्य उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं परोपकारी पूंजी और सामाजिक नवोन्मेष का बढ़ता शक्तिशाली स्रोत बन रही हैं। दुनिया भर में आसन्न पीढ़ीगत बदलाव के साथ, इन बाजारों में मौजूद परोपकार के विविध तरीकों और उन्हें आकार देने वाले स्थानीय और क्षेत्रीय कारकों को उचित रूप से समझना महत्वपूर्ण है।”
नयी संस्थान एशिया,अफ्रीका और पश्चिम एशिया व अन्य क्षेत्रों में प्रासंगिक संस्थानों और संबद्ध लोगों के साथ काम करेगी जिससे सहयोग तथा ज्ञान एवं अंतर्दृष्टि को साझा करने को बढ़ावा दिया जा सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY