देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय ने महिला चिकित्सक की हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया

कोलकाता, 13 अगस्त कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के बाद हत्या के मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया।

अदालत ने शहर पुलिस को निर्देश दिया कि वह आज शाम तक केस डायरी केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दे तथा बुधवार सुबह 10 बजे तक अन्य सभी दस्तावेज सुपुर्द कर दे।

सरकारी आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक का शव शुक्रवार सुबह बरामद किया गया था, जिसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई। इस सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य में आंदोलनकारी चिकित्सकों से भी अपना काम रोको आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया और कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों का उपचार करना उनका ‘पवित्र दायित्व’ है।

पश्चिम बंगाल में कनिष्ठ चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं ने घटना के विरोध में तथा अस्पताल कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा की मांग करते हुए मंगलवार को भी काम रोको आंदोलन किया।

पीठ ने कहा कि वह इस घटना पर चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं की सराहना करती है।

अदालत ने आदेश पारित करते हुए कहा कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोलकाता पुलिस द्वारा मामले की जांच में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है।

राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और 25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच उचित तरीके से की जा रही है।

पीठ ने कहा कि यह निराशाजनक है कि मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष पहले से सक्रिय नहीं थे। अदालत ने घोष को लंबी छुट्टी पर जाने को कहा था।

अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि सोमवार को इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्हें शहर के दूसरे मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य पद पर बहाल कर दिया गया।

पीठ ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी और तब सीबीआई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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