जरुरी जानकारी | सीएआई ने 2022-23 के लिए कपास फसल अनुमान को और घटाकर 298.35 लाख गांठ किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय कपास संघ (सीएआई) ने बृहस्पतिवार को एक अक्टूबर से शुरू होने वाले सत्र 2022-23 के लिए अपने कपास फसल अनुमान को और घटाकर 298.35 लाख गांठ रहने का अनुमान जताया है। अनुमान में कमी का कारण महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा में उत्पादन घटने की आशंका है।
मुंबई, 11 मई भारतीय कपास संघ (सीएआई) ने बृहस्पतिवार को एक अक्टूबर से शुरू होने वाले सत्र 2022-23 के लिए अपने कपास फसल अनुमान को और घटाकर 298.35 लाख गांठ रहने का अनुमान जताया है। अनुमान में कमी का कारण महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा में उत्पादन घटने की आशंका है।
सीएआई ने एक बयान में कहा कि कपास की फसल महाराष्ट्र और तेलंगाना में 2-2 लाख गांठ, तमिलनाडु में 50 हजार गांठ और ओडिशा में 15 हजार गांठ कम होने की आशंका है।
बयान में कहा गया है कि पिछले सत्र के दौरान कुल कपास उत्पादन 307.05 लाख गांठ रहने का अनुमान है।
अक्टूबर 2022 से अप्रैल 2023 के लिए कुल कपास आपूर्ति 263.06 लाख गांठ होने का अनुमान है। इसमें सत्र की शुरुआत में 224.17 लाख गांठ की आवक, 7 लाख गांठ का आयात और 31.89 लाख गांठ का शुरुआती स्टॉक शामिल है।
इसके अलावा, सीएआई ने अक्टूबर 2022 से अप्रैल 2023 तक कपास की खपत 179 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया है, जबकि 30 अप्रैल तक निर्यात की खेप 12 लाख गांठ होने का अनुमान है।
अप्रैल 2023 के अंत में स्टॉक 72.06 लाख गांठ होने का अनुमान है। इसमें से 52.06 लाख गांठ कपड़ा मिलों के पास है।
सत्र 2022-23 के अंत तक कपास की आपूर्ति 345.24 लाख गांठ होने का अनुमान है।
सत्र के लिए घरेलू खपत 311 लाख होने का अनुमान है जबकि सत्र के लिए निर्यात 20 लाख गांठ रहने का अनुमान है।
सीएआई ने कहा कि पहले के 13.89 लाख गांठ के अनुमान के मुकाबले 14.24 लाख गांठ का पहले का भंडार होने का अनुमान है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)