नयी दिल्ली, 23 अप्रैल भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने संबंधित पक्षों की भागीदारी में सुधार कर लेखापरीक्षा की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम)-कोझिकोड के साथ एक समझौता किया है।
कैग कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आईआईएम-कोझिकोड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम मुंबई, आईआईटी मद्रास और अन्य प्रमुख संस्थानों के साथ हाल ही में किए गए सहयोग के बाद राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के साथ जुड़ने की कैग की रणनीतिक पहल को बताता है।
हस्ताक्षर कार्यक्रम में कैग के संजय मूर्ति ने कहा कि आईआईएम कोझिकोड के साथ साझेदारी, लेखापरीक्षा पद्धतियों में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं और शैक्षणिक उत्कृष्टता को एकीकृत करने के चल रहे प्रयासों में एक और कदम का प्रतिनिधित्व करती है।
यह साझेदारी विविध लेखापरीक्षा दृष्टिकोणों, संबंधित पक्षों के साथ जुड़ाव और रिपोर्टिंग ढांचे को और अधिक परिष्कृत करने के लिए संस्थान की सूचनाओं का लाभ उठाएगी, ताकि प्रदर्शन लेखापरीक्षा को हितधारकों के लिए मूल्य जोड़ने के साधन के रूप में बनाया जा सके। सहयोग प्रदर्शन प्रबंधन प्रणालियों को विकसित करने और उनका मूल्यांकन करने तथा कैरियर प्रबंधन और प्रेरणा रणनीतियों को बढ़ाने पर भी केंद्रित रहेगा।
आईआईएम कोझिकोड के निदेशक देबाशीष चटर्जी ने कहा, “हम इस महत्वपूर्ण पहल में भारत के कैग कार्यालय के साथ साझेदारी करके गौरवान्वित हैं और यह सहयोग दोनों के लिए लाभकारी होगा।”
इस परियोजना में वर्तमान लेखापरीक्षा गतिविधियों का मूल्यांकन, हितधारकों के साथ परामर्श, तथा निष्पादन लेखापरीक्षा में सुधार के लिए विशिष्ट रूपरेखाओं और खाका का विकास शामिल होगा।
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