नयी दिल्ली, 25 सितंबर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोमवार को कहा कि उसने जैव ईंधन पर नौ मानक विकसित किये हैं। इसके साथ वह पैराफिनिक (हरित) डीजल के लिये मानक विकसित करने की प्रक्रिया में है।
बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि ये मानक वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) के उद्देश्य को पूरा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीबीए की घोषणा हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान की थी।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हम प्रासंगिक भारतीय मानकों और आवश्यक गुणवत्ता मापदंडों/प्रदर्शन विशिष्टताओं के विकास के साथ सरकार की इस अग्रणी पहल का समर्थन करने को प्रतिबद्ध हैं।’’
तिवारी ने कहा कि पैराफिनिक डीजल के लिये मानक के मामले में भी काम जारी है। इसे दूसरी पीढ़ी के ईंधन (जैव ईंधन आदि) के जरिये प्रसंस्करण कर प्राप्त किया जाता है।
खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बीआईएस के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और भारत जैव ईंधन के प्रमुख उत्पादक और उपभोक्ता हैं। इन तीन देशों का सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर एथनॉल के 85 प्रतिशत उत्पादन और 81 प्रतिशत खपत में योगदान है।
वैश्विक एथनॉल बाजार का मूल्य वर्ष 2022 में 99 अरब डॉलर था और इसके 2032 तक पांच प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इससे इस क्षेत्र में भारतीय उद्योगों के लिये एक बड़ा अवसर है।
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