ताजा खबरें | बजट चर्चा तीन अंतिम रास
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता जॉन ब्रिटास ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सरकारी आंकड़ों में गुलाबी तस्वीर दिखायी गयी है जबकि वास्तविकता काफी अलग है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से असली तस्वीर नहीं सामने आ पा रही है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता जॉन ब्रिटास ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सरकारी आंकड़ों में गुलाबी तस्वीर दिखायी गयी है जबकि वास्तविकता काफी अलग है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से असली तस्वीर नहीं सामने आ पा रही है।
माकपा सदस्य ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कार्पोरेट जगत के प्रति उदार है और उसे फायदा पहुंचा रही है जिससे धनी और धनवान हो रहे हैं वहीं गरीबों की स्थिति और खराब होती जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए कहा कि हमें विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की जरूरत है।
उन्होंने दावा किया कि सामाजिक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए केरल को दंडित होना पड़ रहा है और करों में उसकी हिस्सेदारी कम हो रही है।
ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सदस्य एम. थंबीदुरै ने कहा कि उनके प्रदेश तमिलनाडु को गर्व है कि उनकी बेटी देश की वित्त मंत्री हैं। उन्होंने केंद्र की विभिन्न योजनाओं की तारीफ करते हुए तमिलनाडु को और धन दिए जाने की मांग की।
समाजवादी पार्टी सदस्य विश्वंभर प्रसाद निषाद ने दावा किया कि मनरेगा सहित कई अहम योजनाओं के आवंटन में कटौती की गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार में आने के पहले भाजपा ने रोजगार और रुपये को मजबूत बनाने जैसे कई वादे किए थे लेकिन वह उन्हें पूरा करने में नाकाम रही।
निषाद ने ‘एक देश, एक शिक्षा’ की नीति तैयार करने की मांग की और कहा कि गांवों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले बच्चे आगे चलकर पिछड़ रहे हैं। उन्होंने किसानों को राहत दिए जाने की मांग की। उन्होंने देश में सख्त साइबर कानून की जरूरत पर बल दिया और कहा कि डिजिटल इंडिया धोखाधड़ी का जरिया बन गया है और लाखों लोग इसके शिकार हुए हैं।
उन्होंने ‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को करमुक्त किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ को भी करमुक्त किया जाना चाहिए और लखीमपुर की घटना पर भी फिल्म बननी चाहिए।
राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कहा कि महंगाई को आंकड़ों से नहीं बल्कि आम लोगों की जिंदगी से देखने का प्रयास करना चाहिए कि वे कैसे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सूचकांक स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की अनदेखी हो रही है और विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की स्थिति काफी खराब है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने भी बिहार के बारे में चिंताजनक टिप्पणी की है।
उन्होंने सरकार की अर्थनीति को अनर्थनीति करार देते हुए कहा कि उसे युवाओं को रोजगार मुहैया कराने पर जोर देना चाहिए।
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