कोच्चि, 30 जून भारत संचार निगम लिमेटेड (बीएसएनएल) ने नोटिस जारी कर विवादित कार्यकर्ता और बर्खास्त कर्मचारी रेहाना फातिमा को सरकारी आवास खाली करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब हाल में पुलिस ने उनके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो के सिलसिले में लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम (पोक्सो) के तहत मामला दर्ज किया है और उनके घर पर छापेमारी की थी।
सरकारी दूरसंचार कंपनी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से उसकी छवि को धक्का लगा है।
उल्लेखनीय है कि फातिमा 2018 में उस समय चर्चा में आर्इ थी जब उन्होंने सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश करने की नाकाम कोशिश की थी। पिछले हफ्ते के एक नाबालिग बच्चे के समक्ष अर्धनग्न होकर तस्वीर खिंचाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के सिलसिले में उनके विरूद्ध मामला दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने फातिमा के खिलाफ पोक्सो और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत दर्ज मामले में 25 जून को पनमपिल्ली नगर स्थित उनके सरकारी आवास की तलाशी ली थी।
मीडिया में उपलब्ध 27 जून को जारी बीएसएनएल के नोटिस में कहा गया, ‘‘ उपरोक्त घटना से बीएसएनएल की छवि खराब हुई है। इसलिए आपको निर्देश दिया जाता है कि नोटिस मिलने के 30 दिन के भीतर सरकारी आवास को खाली कर दें नहीं तो आवास से निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।’’
नोटिस में कहा गया कि बीएसएनएल कर्मचारी के तौर पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई है। इसलिए वह कंपनी के आवास में रहने के लिए अयोग्य हैं।
उल्लेखनीय है कि बीएसएनएल ने सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भड़का कर अशांति पैदा करने के आरोप में इस साल मई में फातिमा को बर्खास्त कर दिया था।
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