विदेश की खबरें | ब्रिटिश-भारत नवोन्मेष केंद्र ने सतत शीतलन परियोजना की शुरुआत की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बर्मिंघम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भारत भर में खाद्य और वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऊर्जा-कुशल प्रशीतलन उपलब्ध कराने में तेजी लाने के उद्देश्य से ब्रिटिश-भारत सतत शीतलन पहल के लिए तेलंगाना सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
लंदन, तीन मार्च बर्मिंघम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भारत भर में खाद्य और वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऊर्जा-कुशल प्रशीतलन उपलब्ध कराने में तेजी लाने के उद्देश्य से ब्रिटिश-भारत सतत शीतलन पहल के लिए तेलंगाना सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
‘सतत प्रशीतलन एवं शीत श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र’ भारत में सस्ती, ऊर्जा के लिहाज से लचीली, कम उत्सर्जन वाली शीत-श्रृंखला प्रणाली की शुरुआत का समर्थन करते हुए, खाद्य और टीका वितरण में अत्याधुनिक अनुप्रयुक्त अनुसंधान करेगा।
ब्रिटिश और भारतीय विशेषज्ञों को निवेशकों, कृषि-खाद्य व्यवसायों, किसान सहकारी समितियों और ऊर्जा या रसद प्रदाताओं से जोड़ने के लिए, केंद्र को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
विश्वविद्यालय के साथ बुधवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वाले तेलंगाना सरकार के प्रमुख सचिव और प्रदेश सरकार के उद्योग संवर्धन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त जयेश रंजन ने कहा, “तेलंगाना और हैदराबाद भारत के अन्य क्षेत्रों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं और हमारे व्यवसाय सक्षम शीत-श्रृंखला साजोसामान पर निर्भर हैं।”
उन्होंने कहा, “उत्कृष्टता केंद्र भारत में सस्ती, ऊर्जा के लिहाज से लचीली, कम उत्सर्जन वाली शीत-श्रृंखला प्रणाली की उपलब्धता का समर्थन करने के लिए भारतीय और ब्रिटिश विशेषज्ञों, निवेशकों और व्यवसायों को जोड़ेगा। यह सुविधा उत्पाद को जल्दी और कुशलता से बाजार में लाने के लिए बेहतर संसाधन और टिकाऊ समाधान प्रदान करेगी। मैं ऐसा करने में तेलंगाना सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन देता हूं।”
पहल के हिस्से के रूप में एक नवाचार केंद्र और प्रौद्योगिकी परीक्षण और प्रदर्शन सुविधा की योजना बनाई गई है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)