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माल्या के खिलाफ ब्रिटिश अदालत के फैसले से सीबीआई की श्रमसाध्य एवं कुशल जांच प्रमाणित हुई : अधिकारी

उल्लेखनीय है कि माल्या ने उसे भारत को प्रत्यर्पित करने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वह बैंक से धोखाधड़ी कर करीब 9,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोप लगने के बाद ब्रिटेन भाग गया था।

माल्या के खिलाफ ब्रिटिश अदालत के फैसले से सीबीआई की श्रमसाध्य एवं कुशल जांच प्रमाणित हुई : अधिकारी
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नयी दिल्ली, 20 अप्रैल सीबीआई ने सोमवार को ब्रिटेन के उच्च न्यायालय से शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका खारिज होने को आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ चल रही लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया।

उल्लेखनीय है कि माल्या ने उसे भारत को प्रत्यर्पित करने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वह बैंक से धोखाधड़ी कर करीब 9,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोप लगने के बाद ब्रिटेन भाग गया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता आर के गौड़ ने कहा, ‘‘ उन आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ जारी लड़ाई में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो देश की न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह सीबीआई की श्रमसाध्य और अति सावधानी से की गई जांच को भी प्रमाणित करती है।

ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ दायर माल्या की अपील खारिज हो गई है। ब्रिटिश अदालत से माल्या की याचिका का खारिज होना सीबीआई के लिए बड़ी उपलब्धि है जो लगातार उसका ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराने का प्रयास कर रही है। सीबीआई के विशेष जांच दल के प्रमुख के रूप में राकेश अस्थाना नियमित रूप से लंदन में होने वाली सुनवाई में उपस्थित होते थे।

उच्च न्यायालय ने जमानत पर जेल से बाहर रह रहे 64 वर्षीय विजय माल्या को 14 दिन का समय उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने के लिए दिया है।

अगर माल्या ब्रिटेन की शीर्ष अदालत में अपील दाखिल नहीं करते तो उन्हें भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत भेज दिया जाएगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 06:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).