देश की खबरें | अंग्रेजों ने माना कि नेताजी ने भारत में उनके शासन अवधि को कम कर दिया : माझी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंग्रेजों ने स्वीकार किया है कि यदि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी आजाद हिंद फौज नहीं होती तो वे भारत पर लंबे समय तक शासन कर सकते थे।
भुवनेश्वर, 23 जनवरी ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंग्रेजों ने स्वीकार किया है कि यदि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी आजाद हिंद फौज नहीं होती तो वे भारत पर लंबे समय तक शासन कर सकते थे।
माझी ने स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती के अवसर पर कटक के ऐतिहासिक बाराबती किले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पराक्रम दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की।
यद्यपि देश वर्ष 2021 से पराक्रम दिवस मना रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब यह कार्यक्रम नेताजी की जन्मस्थली कटक में आयोजित किया जा रहा है।
माझी ने कहा, "ओडिशा और कटक को नेताजी पर गर्व है, जो एक महान राष्ट्रवादी और सच्चे देशभक्त के रूप में उभरे।"
भारतीय इतिहास की पुस्तकों में नेताजी के बारे में सीमित चर्चा पर चिंता व्यक्त करते हुए माझी ने कहा, "अंग्रेज और कुछ इतिहासकार मानते हैं कि अगर नेताजी का सशस्त्र संघर्ष और उनकी आजाद हिंद फौज नहीं होती, तो वे (अंग्रेज) कुछ और वर्षों तक भारत पर शासन करते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर पुस्तकों में नेताजी की विरासत का बहुत कम उल्लेख है।"
माझी ने राष्ट्र के प्रति नेताजी के समर्पण पर प्रकाश डालते हुए कहा, "नेताजी ने ब्रिटिश शासन के अधीन काम करने से इनकार कर दिया, भले ही उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय सिविल सेवाओं के लिए चुना गया था। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का रास्ता चुना और 1921 में मुंबई में महात्मा गांधी से मिले। बाकी, जैसा कि वे कहते हैं, इतिहास है।"
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