यूरोप में कोविड-19 का केंद्र बना ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया में बेसबॉल खेल की शुरुआत हुई
चीन में यह तीसरा हफ्ता है जब कोविड-19 से कोई मौत नहीं हुई हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया में पेशेवर बेसबॉल खेल सत्र की शुरुआत हुई।
कई अन्य देशों ने संक्रमण की गति को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
चीन में यह तीसरा हफ्ता है जब कोविड-19 से कोई मौत नहीं हुई हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया में पेशेवर बेसबॉल खेल सत्र की शुरुआत हुई।
अमेरिका के कुछ राज्यों ने देश में लाखों लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और हजारों लोगों की मौत के बावजूद लॉकडाउन की पाबंदियों को हटाना शुरू कर दिया है क्योंकि उनका मानना कि इससे लाखों लोगों की नौकरियां जा रही हैं।
ऐसा लग रहा है कि ब्रिटेन ने कोविड-19 से मौतों के मामले में अबतक यूरोप में सबसे अधिक प्रभावित रहे इटली को भी पीछे छोड़ दिया है।
ब्रिटिश सरकार ने बताया कि कोविड-19 से ब्रिटेन के अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य स्थानों पर 28,734 लोगों की मौत हुई है जबकि इटली ने अपने यहां 29,079 लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत की रिपोर्ट दी है।
दोनों देशों के आंकड़ों को कमतर कर दिखाया गया है क्योंकि इनमें केवल उन मौतों को शामिल किया गया है जिनमें कोविड-19 होने की पुष्टि हुई थी। हाल तक इटली और ब्रिटेन के नर्सिंग होम में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस से संक्रमण की जांच नहीं हो रही थी।
ब्रिटेन के संख्यिकी विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 30 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस आंकड़े में उन लोगों की मौतों को भी शामिल किया गया जिनके कोविड-19 होने की आशंका थी। सांख्यिकी विभाग के 24 अप्रैल तक के आंकड़ों में मौतों की संख्या सरकार के आंकड़ों से एक तिहाई तक अधिक है। इटली में इस तरह के तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध नहीं है।
रूस में संक्रमण के नये मामलों में एक बार फिर तेजी देखी गई है। मास्को में लगातार तीन दिनों में दस हजार से अधिक मामले आए हैं।
वहीं, कई यूरोपीय देशों ने कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में गिरावट के बाद सख्त लॉकडाउन में ढील दी है और वे कड़ाई से इस पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं।
जर्मनी के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के प्रमुख लोथर विलेर ने मंगलवार को कहा, ‘‘हम जानते हैं कि इसकी बहुत संभावना है कि वायरस से संक्रमण का दूसरा दौर आएगा। अधिकतर वैज्ञानिक इसको लेकर निश्चित हैं और कई मानते हैं कि संक्रमण का तीसरा दौर भी आएगा।’’
इटली ने दो महीने में पहली बार इस हफ्ते 44 लाख लोगों को काम पर जाने की अनुमति दी और लोगों की व्यक्तिगत आवाजाही पर लगी पाबंदी में भी रियायत दी। वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चेतावनी दी कि सरकार संक्रमण के नये दौर के लिए तैयार रहे।
ला रिपब्लिका अखबार से इटली के सुपीरियर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में संक्रामक रोग के प्रमुख ने कहा आने वाले हफ्ते निश्चित तौर पर यह देखने के लिए प्रयोग होगा कि लॉकडाउन में ढील से संक्रमण पर क्या असर होता है।
डॉ. जियोवन्नी रेजा ने कहा, ‘‘हम महामारी से मुक्त नहीं हुए हैं। हम अब भी इसका सामना कर रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि लोग सोचें कि अब खतरा नहीं है और सामान्य जीवन की ओर लौट जाएं।’’
कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ सफल लड़ाई लड़ने के लिए चर्चित दक्षिण कोरिया में कोविड-19 के केवल तीन नये मामले दर्ज किए गए जो 18 फरवरी के बाद सबसे कम है। इसके मद्देनजर दक्षिण कोरिया में चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला जाएगा। इसकी शुरुआत 13 मई को उच्च विद्यालयों को खोलने से होगी लेकिन मंगलवार को सबसे अहम बात रही यहां बेसबॉल खेल सत्र की शुरुआत।
खेल के आयोजन में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं थी। चीयर्सलीडर ने खाली सीटों के सामने नृत्य किया और अम्पायर मास्क पहने दिखे। यह कोरोना वायरस की महामारी के बाद पहला प्रमुख पेशेवर खेल आयोजन है जिसका प्रसारण प्रशंसकों के लिए पूरी दुनिया में किया गया। कोरिया बेसबॉल संगठन ने अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाए हैं जिनमें स्टेडियम में प्रवेश करने से पहले खिलाड़ियों और उनके कोच के शरीर के तापमान की जांच शामिल है।
अमेरिका का सबसे बड़ा बेसबॉल लीग अभी यह योजना बना रहा है कि अपने खेल सत्र के लिए क्या किया जाए। अमेरिकी खेल चैनल ईएसपीएन ने कोरियाई बेसबॉल संगठन के सत्र में हर सप्ताह छह मैच प्रसारित करने के लिए करार किया है।
यह सत्र मंगलवार को दाइगू सैमसंग लायन्स और चांगवोन के एनसी दिनोस के मैच के साथ शुरू हुआ। इस मैच में दिनोस ने चार शून्य से जीत दर्ज की। दक्षिण कोरिया में शुक्रवार को बिना दर्शकों के पेशेवर फुटबॉल लीग की भी शुरुआत होगी।
चीन में लगातार तीन हफ्ते से कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से किसी की मौत नहीं हुई। बता दें कि चीन से ही पिछले साल महामारी की शुरुआत हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि चीन में कोविड-19 का मात्र एक नया मामला सामने आया है और महज 400 लोगों का अभी इलाज चल रहा है।
हांगकांग, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों ने भी कोविड-19 पर काफी हद तक काबू पा लिया है। न्यूजीलैंड में दो दिन से कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 130 करोड़ की आबादी वाले भारत में संक्रमण अभी और बढ़ेगा।
अन्य यूरोपीय देशों के विपरीत ब्रिटेन में अब भी लॉकडाउन है और मंगलवार को मोबाइल ऐप का परीक्षण शुरू हुआ जिसकी मदद से प्रशासन संक्रमण को रोकने की कोशिश करेगा। यह ऐप नजदीक में संक्रमित व्यक्ति के होने पर चेतावनी देगा। इसका परीक्षण इंग्लैंड के दक्षिणी तट स्थित आइल ऑफ वाइट पर किया गया। सरकार को उम्मीद है कि इस महीने के उत्तरार्ध में वह इस ऐप को पूरे देश में लांच कर देगी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जल्द ही लॉकडाउन से निकलने की योजना पेश करेंगे जो 23 मार्च को लागू किया गया था और बृहस्पतिवार तक प्रभावी है। आलोचकों का आरोप है कि कोविड-19 से संक्रमण जब फैलना शुरू हुआ तब जॉनसन की कंजर्वेटिव सरकार ने बहुत धीमी कार्रवाई की।
आलोचकों के मुताबिक जॉनसन सरकार संक्रमण के लक्षण वालों की जांच कर संक्रमण को फैलने से रोकने में असफल हुई, इसके बाद वह संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगा पृथक करने में भी नाकाम हुई। उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया और जर्मनी सहित जिन देशों ने यह किया वहां पर ऐसा नहीं करने वाले देशों के मुकाबले कम मौतें हुईं।
ब्रिटिश सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वाल्लेंस ने मंगलवार को स्वीकार किया कि अगर हम जांच क्षमता तेजी से बढ़ाने में कामयाब होते तो वह फायदेमंद होता।
फ्रांस में वैज्ञानिकों ने अध्ययन में कहा कि उन्होंने दिसंबर में सामने आए कोरोना वायरस के संभावित मामले की पहचान की है यानि यूरोप में आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए पहले मामले से करीब एक महीने पहले की।
अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधूरे चिकित्सा दस्तावेज के आधार पर पीछे जाकर किया गया यह अध्ययन रोचक तो है लेकिन यूरोप में कोविड-19 का मामला पहले सामने का आने का निर्णायक सबूत नहीं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

