देश की खबरें | साझा चुनौतियों के वहनीय और वैज्ञानिक समाधान की दिशा में काम करें ब्रिक्स देश : भारत

नयी दिल्ली, 27 सितंबर भारत ने मंगलवार को कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों के लिए यह एक अनिवार्यता है कि वे साझा चुनौतियों का नवोन्मेषी और वहनीय वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए हाथ मिलाएं। इन चुनौतियों में खाद्य सुरक्षा, वहन करने योग्य स्वास्थ्य सुविधा और ऊर्जा पहुंच शामिल है।

ब्रिक्स पांच देशों का एक संगठन है जिसमें भारत, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और रूस शामिल हैं।

ब्रिक्स के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रियों की 10वीं बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘कई क्षेत्र थे, जिसमें हमारे बीच आपसी सहयोग से ब्रिक्स देशों के लोगों को सीधा फायदा हुआ, इसमें टीका अनुसंधान एवं विकास केंद्र, ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय, साझा उपग्रहों की स्थापना और दवा उद्योग के लिए पारस्परिक मान्यता की बात शामिल है।

चीन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने वांग झिगांग, दक्षिण अफ्रीका के उच्च शिक्षा, विज्ञान और नवोन्मेष मंत्री बोंगिनकोसी इमैनुएल निमांडे, ब्राजील के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पॉलो अलविम और रूस के विज्ञान एवं उच्च शिक्षा मंत्री वालेरी फल्कोव ने बैठक में हिस्सा लिया।

सिंह ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों को स्वास्थ्य, कृषि, पानी, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोटेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आईसीटी, एआई, रोबोटिक्स एवं पर्यावरण के क्षेत्र में आपसी सहयोग और मजबूत करना चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)